अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। उन्होंने कहा, समझौते पर हस्ताक्षर होने वाले हैं। ऐसा होते ही होर्मुज जलडमरूमध्य सभी के लिए खुल जाएगा। हालांकि, ईरान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि समझौते पर आज हस्ताक्षर नहीं होंगे। ये बयान ऐसे वक्त सामने आए हैं, जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने 24 घंटे के भीतर समझौता होने की बात कही थी।
दरअसल, 14 जून को ट्रंप का जन्मदिन है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वे जन्मदिन पर समझौते पर हस्ताक्षर करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ईरान अब खरीद, विकास या किसी अन्य प्रकार की खरीद के माध्यम से परमाणु हथियार हासिल करने का प्रयास नहीं करेगा। समझौते के तहत किसी भी प्रकार का धन का लेन-देन नहीं होगा। स्थिति स्थिर हो जाने पर अमेरिका ईरान के यूरेनियम भंडार को नष्ट कर देगा।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा, हमें समझौते पर हस्ताक्षर के सटीक समय का इंतजार करना होगा। यह कल नहीं होगा, लेकिन आने वाले दिनों में हो सकता है। दूसरे पक्ष के अस्थिर रुख के कारण, हमें इस प्रक्रिया पर टिप्पणी करने में सावधानी बरतनी चाहिए। इससे पहले उन्होंने कहा था, हस्ताक्षर की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन आने वाले दिनों में ऐसा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कल कहा था, हम शांति समझौते के पहले से कहीं ज्यादा करीब हैं। अगले 24 घंटों में इसके फाइनल होने की उम्मीद है, जिसके तुरंत बाद पाकिस्तान शांति समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हस्ताक्षर करने की तैयारी कर रहा है और उसके बाद अगले हफ्ते तकनीकी स्तर पर बातचीत होगी। हमें पूरा भरोसा है कि यह ऐतिहासिक शांति समझौता स्थायी शांति के लिए एक मजबूत आधार बनेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ईरान की अरबों डॉलर की फ्रीज संपत्तियों को जारी करेगा। अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के बदले में ईरानी तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में ढील देगा। इस रूपरेखा में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर केंद्रित 60 दिवसीय वार्ता प्रक्रिया भी शामिल है। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, अंतिम लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना, यूरेनियम भंडार को नष्ट करना और एक दीर्घकालिक निरीक्षण व्यवस्था को लागू करना होगा।








