जिले में स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं चरमराई
नर्मदापुरम। संभाग मुख्यालय के जिला मुख्यालय पर सीएमओ जैसे पद पर प्रभारी अधिकारी से व्यवस्थाएं नहीं संभल रही हैंं। उनके द्वारा शासन की संचालित की जाने वाली योजनाओं व स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों का प्रचार प्रसार नहीं किया जाता है। सिर्फ कलेक्टर की बैठकों तक ही उनका दौरा सीमित रहता है। टीएल बैठक व जनसुनवाई में जाकर वापस आकर वे बांकी का समय अपने बंगले पर ही बिताते हैं। जिले के निजी अस्पतालों का निरीक्षण, लैबों का निरीक्षण, तथा झोला छाप डाक्टरों का निरीक्षण नहीं किया जाता कभी कभार किया जाता है तो खानापूर्ति की जाती है। राष्ट्रभारती मंच के द्वारा उच्च चिकित्सा मंत्री से मांग की जा रही है कि सीएमएचओ का तबादला जल्द किया जाए। जिसे जिले को उनसे मुक्ति मिल सके। अन्य अनेक संगठनों के द्वारा मांग की जा रही है कि यदि सीएमओ को यहां से नहीं हटाया गया तो आंदोलन किया जाएगा। जिसकी जबावदारी शासन की होगी।
स्वास्थ्य व्यवस्थाएं लडखड़ाई
जिला मुख्यालय सहित अन्य अनेक सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाएं चरमरा रही हैं। जिससे सीएमएचओ को कुछ लेना देना नहीं है। जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। ऐसी स्थिति में ऐसे सीएमएचओ को और ज्यादा दिन यहां रहने दिया गया तो जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बद से बदतर हो जाएंगी।






