लगातार नियमों को ताक पर रखने वाली सीहोर जनपद सीईओ पर जिला प्रशासन की मेहरबानी समझ से परे

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झरखेड़ा के भ्रष्ट पूर्व सरपंच पति को बचाने के जनपद सीईओ पर लगे हैं आरोप
पंचायतों में भ्रष्टाचार करने वाले सरपंच-सचिवों पर हो कड़ी कानूनी कार्यवाही
बैठकों में अनावश्यक उपस्थित होकर दबाव बनाने वाले जनपद अध्यक्ष पति पर हो कठोर कानूनी कार्यवाही
नियमों की अनदेखी करने वाली सीईओ को तत्काल पद से हटाए कलेक्टर – पंकज शर्मा
सीहोर । जिला कांग्रेस के पूर्व महासचिव पंकज शर्मा ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सीहोर जिला कलेक्टर से सीहोर जनपद पंचायत सीईओ को तत्काल उनके पद से हटाकर निलंबित करने की मांग की है । पंकज शर्मा ने कहा है कि सीहोर जनपद पंचायत सीईओ पर पहले भी झरखेड़ा के भ्रष्टाचारी पूर्व सरपंच पति को बचाने सहित कई बार अनियमिताएं करने के आरोप लगते रहे हैं लेकिन ताज़ा मामले में उन्होंने सारी सीमाएं पार कर दी हैं । मामले के अनुसार गुरुवार 16 जनवरी को जनपद पंचायत सभाकक्ष में जनपद सीईओ की उपस्थिति में सभी जनपद सदस्यों की बैठक प्रस्तावित थी लेकिन बैठक का नजारा कुछ ऐसा था कि वहां एकाध महिला सदस्य को छोड़कर सभी महिला सदस्यों के पति ही कुर्सियों की शोभा बढ़ा रहे थे, महिला सदस्यों की अनुपस्थिति में आखिर किस नियम से सीईओ ने बैठक कर महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित कर दिए, क्या जनपद सीईओ के लिए नियम कायदों का कोई मूल्य नहीं है और वो इसी प्रकार नियम विरुद्ध कार्य करके शासन और प्रशासन की आंखों में धूल झोंकती हैं । पंकज शर्मा ने कहा कि कोई तो कारण है कि सीहोर जनपद सीईओ लगातार नियम विरुद्ध कार्य करती हैं और भ्रष्टाचारियों को लगातार संरक्षण देकर उनको बचाती हैं, जिला प्रशासन को उस कारण की जांच कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही करते हुए उन्हें तत्काल पद से हटा देना चाहिए ताकि भ्रष्टाचारियों में भय का माहौल बने और भविष्य में कोई अन्य अधिकारी नियम तोड़ने का साहस ना कर सके । पंकज शर्मा ने पंचायतों में चल रहे संगठित भ्रष्टाचार पर भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि लगभग सभी पंचायतों में सरपंच और सचिव मिलकर लाखों का भ्रष्टाचार कर रहे हैं और कार्यवाही के अभाव में उनके हौसले बुलंद हैं, जिला कलेक्टर को उन पर भी कठोर कानूनी कार्यवाही करवानी चाहिए, ताकि ये भ्रष्टाचार रुक सके और जनता की मेहनत का पैसा सही जगह लग सके और सच्चे अर्थों में गांवों का और भारत देश का विकास हो सके क्योंकि भारत गांवों में ही बसता है और गांव के विकसित होने से ही विकसित भारत का निर्माण संभव है । पंकज शर्मा ने सवाल उठाया है कि एक महिला सीईओ द्वारा शासन की महिला सशक्तिकरण की मंशा को पलीता लगाए जाने पर आखिर जिला प्रशासन मौन क्यों है ? पंकज शर्मा ने कहा कि इसी बैठक में जनपद अध्यक्ष के उपस्थित रहने के बावजूद उनके पति का भी वहां बैठना क्या नियम विरुद्ध नहीं है । वो किस अधिकार से वहां बैठते हैं और सभी सदस्यों को धमकाते भी हैं, क्या उन पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही और आगे से बैठकों में सख्ती से रोकने की कार्यवाही नहीं की जानी चाहिए ? पंकज शर्मा ने अंत में जिला कलेक्टर से सीहोर जनपद सीईओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और जनपद पंचायत अध्यक्ष पति पर भी कठोर कानूनी कार्यवाही किए जाने की मांग की है ताकि केंद्र और राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण की अवधारणा फलीभूत हो सके और सच्चे अर्थों में महिला जनप्रतिनिधियों को अधिकार मिल सकें और वो आत्मनिर्भर बनकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना सक्रिय तथा व्यापक सहयोग प्रदान कर सकें ।

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