दर्जनों शासकीय नौकरों को दिखाया जाना चाहिए जिले से बाहर का रास्ता, शासकीय कार्यक्रमों में चुने हुये जनप्रतिनिधियों की होती जा रही अवहेलना
चुने हुए जनप्रतिनिधियों को देना पड़ रहा ज्ञापन, कान में नहीं रेंग रही जूं
नर्मदापुरम। सोहागपुर। जिले मेें सरकारी नौकरों की नौकरशाही चरम पर है। कुछ समय पूर्व जिला पंचायत की अध्यक्ष व अन्य जिला पंचायत सदस्य जो जिले के तमाम क्षेत्रों सेे चुने हुए जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों की मनमानी के चलते जिला पंचायत की बैठक का बहिस्कार किया था। ज्ञापन भी दिया था। लेकिन ऐसे ज्ञापनों को सरकारी नौकर कूढ़े के ढेर में फेंक देते हैं। प्राय: ज्ञापनों का हश्र क्या होता है किससे छिपा है। सिर्फ एक खानापूर्ति रह जाते हैं। होती रहती है सरकारी नौकरी की मनमानी। उसे कम कराने वाले मर्दों की जरूरत है। यदि उसी समय उस ज्ञापन पर संज्ञान लिया होता तो फिर सोहागपुर के जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देने की जरूरत नहीं पड़ती। इन नौकरों पर लगाम नहीं लग रही है। इस कारण मनमानी बढ़ती जा रही है।
सोहागपुर के जनप्रतिनिधियों को भी देना पड़ा ज्ञापन
सोहागपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के जनपद अध्यक्ष जालम सिंह पटेल जनपद उपाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह पटेल जिला पंचायत सदस्य दौलत राम पटेल जनपद पंचायत सदस्य डाली शर्मा ने ज्ञापन देते हुए अपनी पीडा व्यक्त की है कि हमारे क्षेत्र में होने वाले शासकीय कार्यक्रमों में जैसे स्कूलों में साइकिल वितरण समारोह, भूमिपूजन एवं लोकार्पण जैसे कार्यक्रमों में निमंत्रण पत्र एवं भूमिपूजन लोकापर्ण पट्टियों में नाम नहीं दिए जा रहे हैं जनपद अध्यक्ष जालम सिंह पटेल ने बताया कि 17 जनवरी को सेमरी हरचंद में पंचायत भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में हमें नहीं बुलाया गया है। इससे हमारी भावनाएं आहत हुई हैं। अपमान हुआ हैै। शासकीय नियमों की अवहेलना की श्रेणी में आता है। मजबूर होकर इस संबंध में नर्मदापुरम जिला मुख्यालय जाकर कलेक्टर सोनिया मीणा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत के नाम ज्ञापन सौंपा गया है हालांकि किसी कारण से दोनों अधिकारी नहीं मिले लेकिन ज्ञापन सौंप कर पावती ले ली गई है।
इन जनप्रतिनिधियों ने अवगत कराया है कि इसी मुद्दे को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष उपाध्यक्ष एवं अन्य जिला पंचायत सदस्यों ने अधिकारियो की मनमानी के चलते जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक का बहिष्कार कर चुके हैं। कमिश्नर एवं कलेक्टर को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया था। लेकिन उन्होंने भी कोई ध्यान नहीं दिया। इन जनप्रतिनिधियो का कहना है कि अधिकारियों की कार्य प्रणाली में कोई सुधार नहीं आ रहा है। इन जनप्रतिनिधियों ने ज्ञापन में ध्यान आकर्षित कराते हुए बताया है कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के नाम नहीं दिए गए लेकिन भाजपा के मंडल अध्यक्ष योगेश मालवीय को विशेष अतिथि बनाया गया हैं। जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि जिन संबंधित अधिकारियों ने प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है उन पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही ज्ञापन में उक्त कार्यक्रम को निरस्त करते हुए भविष्य में होने वाले कार्यक्रमों में ध्यान रखा जाएं। अन्यथा हम जनप्रतिनिधि धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। ज्ञापन सौपते समय जनपद अध्यक्ष जालम सिंह पटेल, उपाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह पटेल, जिला पंचायत सदस्य दौलत राम पटेल एवं जनपद सदस्य शामिल रहे।







