भोपाल, (आरएनएस)। बड़ा तालाब की अथाह जलराशि में एक प्राचीन नगर डूबा हुआ है। इस दावे के साथ भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने संसद की स्थाई समिति को एक प्रस्ताव दिया है। शहरी मामलों की स्थायी समिति की बैठक में शर्मा ने पानी के भीतर सर्वेक्षण कर इस धरोहर को सामने लाने की वकालत की है। नई दिल्ली स्थित संसद भवन में सोमवार को हुई बैठक में सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि तालाब कि किनारों पर भी बुर्ज ओर प्राचीन दीवारों के रूप में उस नगर के अवशेष अब भी मौजूद हैं। इसको लेकर वैज्ञानिक अध्ययन ओर खेाज कराई जानी चाहिए, ताकि भोपाल की विरासत पर पढ़ाई पर्दा उठ सके। सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल राजा-महाराजाओं की नगरी रही है। यहां 11वीं सदी की धरोहरें हैं। प्राचीन काल से ही इस शहर का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है। इनका संरक्षण, संवर्धन और सुंदरीकरण किया जाना चाहिए। बड़ा तालाब में ऐसी धरोहरों के अवशेष मौजूद हैं, जिसको लेकर कई वर्षों से दावे किए जा रहे हैं। इनकी खोज होना बहुत जरूरी है। शर्मा ने कहा कि कई पुरातत्वविद् बताते हैं कि इसमें वैथ्दक नगर बसा हुआ था। गांड कालीन किले की दीवारें या बुर्ज भी इसके किनारे पर दिखाई देते हैं। ऐसे में इसकी वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराना जरूरी है। बताया जा रहा है कि आवागमन ओर शहरी कार्यसमिति के पास विरासत ओर धार्मिक महत्व वाले शहरों की विकास योजनाओं के मूल्यांकन का एक कार्यक्रम है। समिति इस कार्यक्रम में चयनित परियोजनाओं के लिए धन आवंटन की सिफारिश करती है। सोमवार की बैठक में इस कार्यक्रम पर चर्चा होनी थी।








