यरूशलम (ए.)। इजरायल के 27 अक्टूबर के संसदीय चुनाव में किसी भी गठबंधन को बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है. 85 फीसदी वोटों की गिनती के बाद नेतन्याहू के गठबंधन को 53 सीटें, विपक्षी गठबंधन को 48 सीटें और अरब दलों को 19 सीटें मिलने का अनुमान है. बाद के अनुमानों में दोनों प्रमुख गठबंधनों की सीटें कुछ बढ़ सकती हैं, लेकिन वे बहुमत से दूर हैं. सरकार बनाने के लिए 61 सीटें जरूरी हैं. लिकुड सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है. मतदान 77.7 फीसदी रहा। इजरायल में 27 अक्टूबर को हुए संसदीय चुनाव के नतीजों में किसी भी गठबंधन को साफ बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है. 85 फीसदी वोटों की गिनती के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाला दक्षिणपंथी और धार्मिक दलों का गठबंधन 53 सीटों पर आगे है, जबकि पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाले मुख्य विपक्षी गठबंधन को 48 सीटें मिलने का अनुमान है. अरब दलों के खाते में 19 सीटें जाती दिख रही हैं. इजरायल की संसद में बहुमत के लिए 61 सीटें जरूरी हैं. ऐसे में सरकार बनाने के लिए अलग-अलग दलों के बीच गठबंधन की बातचीत अहम होगी. राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने भी सभी पक्षों से खुले मन से बातचीत करने की अपील की है. इन चुनावों में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है. हालांकि, सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत हासिल करना अलग चुनौती होगी. उसे दूसरी पार्टियों के साथ समझौता करना पड़ सकता है।








