नई दिल्ली (आरएनएस)। केंद्र सरकार ने त्योहारों से पहले अपने कर्मचारियों को राहत देते हुए महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। यह बढ़ोतरी जुलाई 2026 से प्रभावी होगी। इससे पहले अप्रैल में सरकार ने महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि की थी, जिसके बाद यह मूल वेतन का 60 प्रतिशत हो गया था। नई वृद्धि के बाद महंगाई भत्ते की दर बढक़र 63 प्रतिशत होने की संभावना है।
महंगाई भत्ते में वृद्धि का उद्देश्य बढ़ती महंगाई के कारण कर्मचारियों पर पडऩे वाले आर्थिक बोझ को कम करना है। दैनिक उपयोग की वस्तुओं और अन्य जरूरी खर्चों की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच सरकार के इस फैसले से केंद्रीय कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।केंद्र सरकार आमतौर पर साल में दो बार, जनवरी और जुलाई में, महंगाई भत्ते की दर में संशोधन करती है। यह भत्ता कर्मचारियों के मूल वेतन के प्रतिशत के आधार पर निर्धारित किया जाता है। इसका उद्देश्य महंगाई बढऩे के साथ कर्मचारियों की क्रय शक्ति को बनाए रखने में मदद करना है।महंगाई भत्ते में संशोधन का निर्धारण महंगाई से जुड़े आंकड़ों और संबंधित मानकों के आधार पर किया जाता है। इसकी दर बढऩे से कर्मचारियों के मासिक वेतन में भी वृद्धि होती है। वास्तविक लाभ कर्मचारी के मूल वेतन और लागू नियमों पर निर्भर करता है। सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई के प्रभाव से राहत देने के लिए महंगाई राहत का प्रावधान है। इसे महंगाई भत्ते की तरह ही पेंशनभोगियों की आर्थिक सहायता के उद्देश्य से दिया जाता है।महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में संशोधन से कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों को बढ़ती कीमतों के बीच अपने घरेलू खर्चों का प्रबंधन करने में सहायता मिलती है।








