नागपुर ,(आरएनएस)। केंद्र की एनडीए सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के प्रमुख रामदास आठवले ने कॉकरोच जनता पाटी के संस्थापक अभिजीत दीपके को एक बार फिर अपनी पार्टी में शामिल होने का खुला न्योता दिया है। आठवले ने कहा कि पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए उन्हें युवाओं की जरूरत है और अगर दीपके उनकी पार्टी में आते हैं, तो वे उनका खुले दिल से स्वागत करेंगे। हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि दीपके की ओर से अभी तक इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक स्वीकृति नहीं मिली है।
दीपके भी आंबेडकरवादी हैं, पार्टी को मजबूत करने के लिए साथ आएं
नागपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए रामदास आठवले ने कहा कि अभिजीत दीपके भी एक आंबेडकरवादी विचारधारा से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद दीपके से संवाद करते हुए यह बात रखी थी कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की राजनीतिक विरासत और पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए ऊर्जावान युवाओं की सख्त जरूरत है। आठवले ने जोर देकर कहा कि अगर दीपके उनके साथ जुड़ते हैं तो यह राजनीतिक और सामाजिक दोनों लिहाज से काफी बेहतर कदम होगा।
अगस्त से लगातार दे रहे हैं न्योता, समाज का हिस्सा भी बताया
यह पहला मौका नहीं है जब केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने अभिजीत दीपके को आरपीआई में आने की पेशकश की हो। इससे पहले अगस्त के महीने में भी उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से दीपके को पार्टी में शामिल होने की सलाह दी थी। तब उन्होंने कहा था कि बाबासाहेब आंबेडकर के सपनों को धरातल पर उतारने के लिए दीपके को उनके साथ आना चाहिए। इसके बाद से आठवले लगातार दीपके को लेकर बयान देते रहे हैं और उन्हें अपने समाज का अभिन्न अंग बताते रहे हैं।
भाषा पर जताई थी आपत्ति, अब तक नहीं मिला दीपके का जवाब
हालांकि, ऑफर देने के साथ-साथ आठवले कई मौकों पर सीजेपी और उनके समर्थकों के रुख पर नाराजगी भी जता चुके हैं। चालू महीने की शुरुआत में ही उन्होंने अभिजीत दीपके को नसीहत दी थी कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अनुचित और अशोभनीय भाषा के इस्तेमाल से बचना चाहिए। फिलहाल राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि क्या दीपके केंद्रीय मंत्री के इस प्रस्ताव को स्वीकार कर एनडीए के सहयोगी दल का हिस्सा बनेंगे या अपनी स्वतंत्र राजनीतिक राह पर ही आगे बढ़ते रहेंगे।








