फ्रांस में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक, 143 साल पुराने टाउन हॉल में लगाई आग

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-पेरिस समेत कई शहरों में तोडफ़ोड़ और दुकानों में लूटपाट, 1200 लोग गिरफ्तार
पेरिस । फ्रांस में बढ़ती महंगाई, सार्वजनिक सेवाओं की बदहाल स्थिति और सरकार की आर्थिक नीतियों के विरोध में हो रहे प्रदर्शन शनिवार को हिंसक हो गए। राजधानी पेरिस समेत कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने आगजनी, तोडफ़ोड़ और दुकानों में लूटपाट की। सबसे गंभीर घटना लिमोज शहर में हुई, जहां नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने 143 साल पुराने ऐतिहासिक नगर निगम भवन में आग लगा दी। आग से इमारत को भारी नुकसान पहुंचा और उसकी छत का बड़ा हिस्सा ढह गया। फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू के अनुसार, प्रदर्शनों के सिलसिले में करीब 1,200 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
लिमोज शहर में शनिवार को प्रदर्शन के दौरान नकाब पहने कुछ लोगों ने ऐतिहासिक नगर निगम भवन को निशाना बनाया। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि इमारत की छत का बड़ा हिस्सा ढह गया और बाहरी हिस्से को भी भारी नुकसान पहुंचा। अधिकारियों ने बताया कि इमारत का पश्चिमी हिस्सा छोडक़र छत और निचली मंजिलों के हिस्से गिर गए। भवन के बाहरी हिस्से का लगभग दो-तिहाई हिस्सा नष्ट हो गया।
स्थानीय प्रशासन ने इस घटना को ऐतिहासिक धरोहर के लिए बड़ा नुकसान बताया है। अधिकारियों ने इसे जानबूझकर की गई तोडफ़ोड़ करार दिया। आग बुझाने के लिए दमकलकर्मियों को देर रात तक मशक्कत करनी पड़ी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल नकाबपोश लोगों के एक समूह ने पहले नगर निगम भवन के बाहर खड़े पुलिस वाहन में आग लगाई। इसके बाद उन्होंने इमारत की खिड़कियां तोड़ीं और भीतर घुसकर आग लगा दी। आग तेजी से फैलने के कारण ऐतिहासिक इमारत का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
घटना के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। ऐतिहासिक भवन को आग की चपेट में देखकर नगर निगम का एक कर्मचारी भावुक हो गया। वहां मौजूद एक स्थानीय पार्षद ने उसे संभालने की कोशिश की। घटना ने शहर की ऐतिहासिक विरासत को हुए नुकसान को लेकर लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
फ्रांस के विभिन्न शहरों में बढ़ती महंगाई, सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति और आर्थिक नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। शनिवार को कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं के बीच हालात बिगड़ गए। आगजनी, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और दुकानों में लूटपाट की घटनाएं सामने आईं।
प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू के अनुसार, इन प्रदर्शनों के संबंध में करीब 1,200 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रशासन हिंसा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं पर कार्रवाई कर रहा है।
फ्रांस में जारी विरोध प्रदर्शनों का असर यूरोप के दूसरे देशों में भी दिखाई दिया। शनिवार को बेल्जियम, पुर्तगाल और इटली में भी लोगों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, अल्बानिया में भ्रष्टाचार के आरोपों, रोजगार की कमी और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के विरोध में लोग सडक़ों पर उतरे।
यूरोप के कई देशों में आर्थिक परिस्थितियों, सार्वजनिक सेवाओं और सरकारी नीतियों को लेकर असंतोष सामने आ रहा है। फ्रांस में ऐतिहासिक नगर निगम भवन में आगजनी की घटना ने विरोध प्रदर्शनों के हिंसक रूप लेने और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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