मस्कट,12 अक्टूबर। ओमान के तट के पास सोहार बंदरगाह पर निकारागुआ के ध्वज वाले तेल टैंकर एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर अचानक ड्रोन से हमला किया गया। हमले के बाद जहाज में आग लग गई। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने घटना की पुष्टि की है। हादसे के समय टैंकर पर 11 भारतीय नाविक सवार थे। इनमें से नौ को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि दो नाविक लापता हैं। लापता नाविकों की तलाश के लिए खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने रविवार, 11 अक्टूबर को सामाजिक माध्यम एक्स पर इस घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोहार के निकट लंगर डाले खड़े टैंकर एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर ड्रोन से हमला हुआ था। जहाज पर सवार नौ भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि दो भारतीय नागरिकों का अब तक पता नहीं चल पाया है।
मंत्री ने कहा कि स्थानीय तटरक्षक बल लापता नाविकों की तलाश में तेजी से अभियान चला रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि लापता नाविकों को सुरक्षित खोजने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
खाड़ी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों से समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हाल के घटनाक्रमों ने इस क्षेत्र से गुजरने वाले तेल टैंकरों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए हैं।
इस घटना से पहले मार्शल द्वीप समूह के ध्वज वाले तेल टैंकर एमटी वाल्थेरा पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय एक अज्ञात प्रक्षेपास्त्र से हमला किया गया था। हमले के बाद जहाज में आग लग गई थी। उस टैंकर पर भी 11 भारतीय नाविक सवार थे।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बीच समुद्री मार्गों से गुजरने वाले जहाजों और उन पर तैनात भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण चुनौती बन गया है।








