ट्रंप के ऊर्जा युद्धविराम पर जेलेंस्की की सहमति, अब रूस के रुख पर टिकी निगाहें

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कीव,12 अक्टूबर। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए प्रस्तावित युद्धविराम का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन इस पहल में सहयोग करने के लिए तैयार है, लेकिन इसकी सफलता रूस की प्रतिबद्धता पर भी निर्भर करेगी। जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि युद्धविराम लागू करने की शर्तों और तौर-तरीकों के संबंध में यूक्रेन अमेरिका से विस्तृत जानकारी मिलने का इंतजार कर रहा है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में रूस और यूक्रेन के बीच तत्काल ऊर्जा युद्धविराम लागू होने की घोषणा की थी। ट्रंप के अनुसार, दोनों देश इस व्यवस्था पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने अपने सामाजिक माध्यम मंच ट्रुथ सोशल पर दोनों पक्षों से युद्धविराम का उल्लंघन नहीं करने की अपील भी की। इस घोषणा के बाद जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन तनाव कम करने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाए जाने वाले कदमों का समर्थन करता है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि इस पहल को सफल बनाने के लिए रूस को भी ऊर्जा से जुड़े ठिकानों पर हमले रोकने के फैसले का पालन करना होगा।
ऊर्जा युद्धविराम के मुद्दे पर जेलेंस्की ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब और उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के महासचिव मार्क रुट्टे के साथ बातचीत की। इस दौरान ट्रंप की ओर से घोषित युद्धविराम और उसे लागू करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
जेलेंस्की ने सामाजिक माध्यम पर बातचीत की जानकारी देते हुए कहा कि यूक्रेन अमेरिकी पक्ष से आगे के विवरण मिलने की प्रतीक्षा कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि उनका देश युद्ध समाप्त करने और स्थायी शांति स्थापित करने के लिए आवश्यक निर्णयों का समर्थन करेगा। हालांकि, युद्धविराम की वास्तविक शर्तें और उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है।
ऊर्जा युद्धविराम की घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब रूस से ईंधन की आपूर्ति को लेकर अमेरिका और यूक्रेन के बीच मतभेद सामने आए हैं। ट्रंप ने शुक्रवार को दावा किया था कि रूस अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय बाजारों को डीजल की आपूर्ति करेगा। उनके मुताबिक, रूस शुरुआत में तीन लाख टन से अधिक डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में पांच लाख टन और फिर दस लाख टन डीजल की आपूर्ति किए जाने की योजना है। उन्होंने रूसी तेल शोधन संयंत्रों की स्थिति के आधार पर अतिरिक्त आपूर्ति की संभावना भी जताई थी।
ट्रंप के इस दावे पर जेलेंस्की ने चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि रूस को ईंधन निर्यात से अतिरिक्त आय मिलने पर वह इस धन का इस्तेमाल अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए कर सकता है। जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस युद्ध को लंबा खींचने और यूक्रेन के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रहा है। उनके अनुसार, ऊर्जा निर्यात से मिलने वाले अतिरिक्त राजस्व का इस्तेमाल हथियारों के उत्पादन, सैन्य उपकरणों की खरीद और सैनिकों की भर्ती के लिए किया जा सकता है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फोन पर बातचीत के बाद ट्रंप ने दावा किया कि रूस यूक्रेन के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता करने का इच्छुक है। हालांकि, उन्होंने जेलेंस्की की बातचीत के जरिए समाधान निकालने की इच्छा पर सवाल उठाए।
ट्रंप ने कहा कि इस संघर्ष को पहले भी कई बार समाप्त किया जा सकता था, लेकिन उनके अनुसार जेलेंस्की समझौता करने के लिए तैयार नहीं हुए। उन्होंने यूक्रेन में राष्ट्रपति चुनाव नहीं होने को लेकर भी जेलेंस्की की आलोचना की और कहा कि उन्हें चुनाव कराना चाहिए था।
दूसरी ओर, रूस की ओर से शांति वार्ता को लेकर अब तक कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता सामने नहीं आई है। पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव की ओर से साझा किए गए फोन वार्ता के विवरण के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति ने यूक्रेन के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने का कोई वादा नहीं किया।
ऐसे में ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए युद्धविराम की घोषणा के बावजूद दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अब सबकी नजरें रूस की प्रतिक्रिया और अमेरिका की ओर से युद्धविराम की शर्तें स्पष्ट किए जाने पर टिकी हैं। इन शर्तों के सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों देश इस पहल को जमीन पर लागू करने की दिशा में कितनी प्रगति करते हैं।

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