सांगली ,07 अक्टूबर ,(आरएनएस)। महाराष्ट्र के सांगली जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक खेत के कुएं में पानी की जगह पेट्रोल जैसा ज्वलनशील तरल पदार्थ निकलने से हडक़ंप मच गया है। कुएं के पानी की सतह पर तैर रहे इस रहस्यमयी पदार्थ को जब ग्रामीणों ने बोतल में भरकर आग के संपर्क में लाकर परखा, तो वह तेजी से लपटों के साथ धू-धू कर जल उठा। पानी में भीषण आग पकडऩे का यह दृश्य देखकर आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई है और स्थानीय प्रशासन भी सकते में आ गया है।
आग लगाते ही भडक़ उठीं लपटें, खेत के कुएं में फैली पेट्रोल की गंध
यह अजीबोगरीब घटना सांगली जिले के जट तालुका स्थित उमाड़ी गांव की है। उमाड़ी-पंढरपुर हाईवे के किनारे डुंडाप्पा माली नामक किसान के खेत में यह कुआं मौजूद है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से कुएं के आसपास पेट्रोल और केमिकल जैसी तीखी गंध आ रही थी। जब लोगों ने पास जाकर देखा तो पानी की ऊपरी सतह पर एक गाढ़ा तैलीय पदार्थ तैरता नजर आया। ग्रामीणों ने जब उस तरल को एक बोतल में निकाला और दूर ले जाकर माचिस लगाई तो वह पेट्रोल की तरह तेजी से जलने लगा, जिससे ग्रामीणों के होश उड़ गए।
एचपीसीएल पेट्रोल पंप की जांच में लीकेज नहीं, गहराया रहस्य
कुएं के कुछ ही दूरी पर एक पेट्रोल पंप स्थित होने के कारण शुरुआत में सभी को लगा कि शायद पंप की भूमिगत (अंडरग्राउंड) स्टोरेज टंकी से पेट्रोल का रिसाव हो रहा है और वह मिट्टी के रास्ते रिसकर कुएं के भूजल में मिल रहा है। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के तकनीकी अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। एचपीसीएल की टीम ने पेट्रोल पंप की अंडरग्राउंड टंकियों और पाइपलाइनों का बारीकी से निरीक्षण किया, लेकिन जांच के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि टंकी में किसी प्रकार का कोई लीकेज नहीं है। कंपनी की क्लीन चिट के बाद इस रहस्यमयी तरल को लेकर पहेली और अधिक उलझ गई है।
खेती ठप, मवेशियों को पानी पिलाना बंद; कुएं की बैरिकेडिंग की मांग
कुएं के मालिक डुंडाप्पा माली ने बताया कि पानी से भयंकर गंध उठने और आग पकडऩे के खतरे को देखते हुए फसलों की सिंचाई पूरी तरह बंद कर दी गई है। मवेशियों को भी यह जहरीला पानी पीने से रोका जा रहा है, जिससे इलाके में जल संकट और डर का माहौल बन गया है। किसान ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि किसी अनहोनी या हादसे से बचने के लिए तुरंत कुएं के चारों ओर मजबूत बैरिकेडिंग और तारबंदी कराई जाए, ताकि कोई राहगीर या ग्रामीण अनजाने में वहां न पहुंच सके।
कुएं पर जुटी भारी भीड़, जांच में जुटा प्रशासन
इस कौतूहल भरी खबर के फैलते ही कुएं को देखने के लिए आसपास के गांवों से लोगों का तांता लगना शुरू हो गया है। कुएं में उतरने के लिए सीढिय़ां नहीं हैं और फिसलन भरे मुहाने पर भीड़ के चलते हादसे का अंदेशा बना हुआ है। जट तहसीलदार कार्यालय के जांच अधिकारी (ढ्ढ.ह्र.) श्रीकांत चोथे ने बताया कि प्रशासनिक टीम ने मौके का मुआयना किया है। पानी के ऊपर तैर रहे इस ज्वलनशील तरल के नमूने (सैंपल) एकत्रित कर फॉरेंसिक और वैज्ञानिक जांच के लिए लैब में भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि यह वास्तव में पेट्रोलियम उत्पाद है, कोई प्राकृतिक हाइड्रोकार्बन गैस-ऑयल रिसाव है या किसी औद्योगिक कचरे का नतीजा।








