आकाश आनंद की बसपा में वापसी, मायावती ने बड़े भतीजे को फिर बनाया नेशनल कोऑर्डिनेटर

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लखनऊ ,06 अक्टूबर ,(आरएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में आकाश आनंद की एक बार फिर वापसी हो गई है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त करते हुए पहले से दी गई जिम्मेदारियां दोबारा सौंप दीं। मायावती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि काफी विचार-विमर्श के बाद पार्टी और आंदोलन के हित में यह फैसला लिया गया है।
मायावती ने उम्मीद जताई कि आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ के सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने के बाद अब पार्टी में कामकाज सुचारू रूप से चलेगा और संगठन में बार-बार बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि काफी कुछ आकाश आनंद के व्यवहार और कार्यशैली पर निर्भर करेगा।
ईशान आनंद समेत नेताओं ने दी सहमति
मायावती ने कहा कि आकाश आनंद की पार्टी में वापसी को लेकर पार्टी के अधिकांश नेताओं ने सकारात्मक राय रखी थी। उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए उन्हें पहले वाली जिम्मेदारियों के साथ दोबारा पार्टी में काम करने का अवसर देने पर उनके पिता आनंद कुमार और छोटे भाई ईशान आनंद ने भी अपनी सहमति जताई।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में आकाश आनंद के व्यक्तित्व और कार्यशैली में बदलाव देखने को मिला है। इसका प्रमाण हाल ही में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर उनके द्वारा किया गया एक पोस्ट भी है, जिसकी काफी चर्चा हुई थी।
संगठन में बदलाव को लेकर मायावती ने जताई उम्मीद
मायावती ने कहा कि आकाश आनंद की भूमिका को लेकर पिछले दिनों कुछ परिस्थितियां ऐसी बनीं, जिनके कारण पार्टी संगठन में कई महत्वपूर्ण बदलाव करने पड़े। बाद में उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को भी सक्रिय राजनीति से संन्यास लेना पड़ा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि अब इन घटनाक्रमों के बाद पार्टी में सब कुछ बेहतर और व्यवस्थित तरीके से चलेगा तथा संगठन में बार-बार बदलाव की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
आकाश के उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना
बसपा सुप्रीमो ने आकाश आनंद के उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना करते हुए उन्हें, उनके छोटे भाई ईशान आनंद और पिता आनंद कुमार को अपना आशीर्वाद दिया।
मायावती ने मुश्किल परिस्थितियों में साथ देने के लिए बहुजन समाज के लोगों और अपने सभी शुभचिंतकों का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी और आंदोलन के हित में लिया गया यह फैसला संगठन को आगे मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।

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