भोपाल (ए.)। रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगा है। वारदात के बाद से फरार चल रहे केयरटेकर वरुण कुमार की आखिरी लोकेशन उत्तर प्रदेश के मथुरा में सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अग्रवाल का मोबाइल अपने साथ ले जाकर उसमें अपने नाम से खरीदी गई पुरानी सिम चालू की थी। इसके बाद मोबाइल की तकनीकी निगरानी से उसकी लोकेशन का पता चला। अब मध्यप्रदेश के साथ उत्तर प्रदेश और पंजाब पुलिस की टीमें भी उसकी तलाश में जुटी हैं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वरुण कुमार ने अपने नाम से पांच सिम खरीदी थीं। पुलिस इन सभी नंबरों की गतिविधियों और उनसे जुड़ी लोकेशन की जांच कर रही है। इसी क्रम में उसके पुराने परिचितों और संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। आगरा में रहने वाले उसके एक करीबी परिचित को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
पुलिस अब वरुण के पुराने ठिकानों और उन स्थानों की जानकारी जुटा रही है, जहां उसने पहले काम किया था। जांच में सामने आया है कि वह मध्यप्रदेश के अलावा कर्नाटक और राजस्थान में भी काम कर चुका है। पुलिस इन राज्यों में उसके पुराने संपर्कों और काम के दौरान हुई गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान वरुण के पारिवारिक विवाद से जुड़ी जानकारी भी पुलिस के सामने आई है। उसके पिता गब्बर ने पुलिस को बताया कि वरुण करीब दस महीने पहले घर से चला गया था और इसके बाद परिवार से उसका संपर्क नहीं रहा। पुलिस उसके पारिवारिक संबंधों और पुराने विवादों को भी जांच का हिस्सा बना रही है। राकेश अग्रवाल के यहां पहले काम कर चुके तीन कर्मचारियों से भी पुलिस पूछताछ कर चुकी है। ये कर्मचारी नौकरी छोड़ चुके थे और उन्हें थाने बुलाकर उनके बारे में जानकारी ली गई।








