-राजकोट में 20 से 22 फीट गहरे जलाशय में हादसा, पिता-पुत्र और भतीजे ने गंवाई जान
राजकोट (आरएनएस)। गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के बीच गुजरात के राजकोट में उस समय मातम पसर गया, जब गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक ही परिवार के तीन सदस्यों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। मृतकों में पिता-पुत्र और उनका भतीजा शामिल हैं। हादसा कुवाडवा-वांकानेर मार्ग पर खोडियार माता मंदिर के पास स्थित जलाशय में बुधवार शाम हुआ।
जानकारी के अनुसार, रणपुर रोड स्थित शिवधारा रेजीडेंसी की गली नंबर-6 में रहने वाले चौहान परिवार के सदस्य गणेश प्रतिमा के विसर्जन के लिए खोडियार माता मंदिर के पास पहुंचे थे। पारंपरिक रूप से प्रतिमा विसर्जन के दौरान धीरूभाई, उनके पुत्र नयनभाई और भतीजे नरेंद्र धीरूभाई पानी में उतरे। इसी दौरान तीनों का पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में जा गिरे।
जलाशय में पानी की गहराई करीब 20 से 22 फीट बताई गई है। गहराई अधिक होने के कारण तीनों पानी से बाहर नहीं निकल सके और डूब गए। उनकी मदद के लिए पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही राजकोट नगर निगम के दमकल एवं आपातकालीन नियंत्रण कक्ष से बचाव दल और वाहन मौके पर भेजे गए। दमकल कर्मियों ने जलाशय में तलाशी अभियान शुरू किया। करीब 10 से 12 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को पानी से बाहर निकाला गया।
इसके बाद तीनों को 108 आपातकालीन सेवा के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान धीरूभाई, उनके पुत्र नयनभाई और भतीजे नरेंद्र धीरूभाई के रूप में हुई है। एक ही परिवार के तीन पुरुषों की अचानक मौत से चौहान परिवार में शोक का माहौल है। घटना की जानकारी मिलने के बाद रिश्तेदार दिलीपभाई चौहान, गांव के सरपंच लाभुभाई और एयरपोर्ट पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है।
राजकोट के दमकल अधिकारी शाहबाज खान ने बताया कि नियंत्रण कक्ष को सूचना मिली थी कि वांकानेर-कुवाडवा राजमार्ग पर अजय वेब्रिज के सामने खोडियार माता मंदिर के पास गणेश प्रतिमा विसर्जन की रस्म के दौरान तीन लोग पानी में डूब गए हैं। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया गया। करीब 10 से 12 मिनट की मशक्कत के बाद तीनों को बाहर निकाला गया।
हादसे के बाद जलाशय में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। खोडियार माता मंदिर के पास स्थित यह जलाशय नगर निगम की ओर से गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए बनाया गया आधिकारिक कृत्रिम विसर्जन कुंड नहीं है। इसके बावजूद लोग यहां गहरे पानी के खतरे को नजरअंदाज कर विसर्जन के लिए पहुंचते हैं।
बताया गया है कि जलाशय की गहराई करीब 20 से 22 फीट है और किनारे से कुछ दूरी पर ही पानी अचानक काफी गहरा हो जाता है। मौके पर न तो सुरक्षा अवरोधक लगाए गए थे और न ही चेतावनी संबंधी सूचना पट लगाए गए थे। इसके अलावा वहां जीवनरक्षक भी मौजूद नहीं था।
नगर निगम की ओर से गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान निर्धारित कृत्रिम विसर्जन कुंड और दमकल दलों की व्यवस्था की जाती है, लेकिन दूरदराज के ऐसे जलाशयों और तालाबों में आमतौर पर इस तरह की सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण हादसे का खतरा बना रहता है।
इस घटना ने एक बार फिर प्रतिमा विसर्जन के दौरान निर्धारित सुरक्षित स्थानों का उपयोग करने और गहरे जलाशयों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत को सामने ला दिया है।
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