कॉकरोच जनता पार्टी बोली-मुख्य चुनाव आयुक्त 48 घंटे में इस्तीफा दें, वरना देशभर में आंदोलन

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 -आगामी विधानसभा चुनाव रोकने और मतदाता सूची में जनवरी 2025 की स्थिति बहाल करने की भी मांग
नई दिल्ली (आरएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए उन्हें 48 घंटे का समय दिया है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में इस्तीफा नहीं देने पर वह देशभर में आंदोलन शुरू करेगी। यह घोषणा 24 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में की गई। पार्टी के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की। हालांकि, मतदाताओं के नाम हटाने से संबंधित दिपके के आरोप उनके पक्ष का दावा हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
दिपके ने आरोप लगाया कि एसआईआर के माध्यम से 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता को अपनी सरकार चुनने का अधिकार होना चाहिए, लेकिन उनके आरोप के अनुसार मौजूदा व्यवस्था में यह तय किया जा रहा है कि किसे मतदान की अनुमति मिलेगी और किसे नहीं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा होने का भी आरोप लगाया।
कॉकरोच जनता पार्टी ने चुनाव आयोग के समक्ष कई मांगें रखी हैं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के 48 घंटे के भीतर इस्तीफे की मांग शामिल है। इसके अलावा पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों पर रोक लगाने और जनवरी 2025 की मतदाता सूची को बहाल करने की मांग की है।
पार्टी ने विभिन्न राज्यों में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पर रोक लगाने तथा इसकी जांच के लिए समिति गठित करने की मांग भी की है। इसके साथ ही चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित 2023 के कानून को समाप्त कर नया कानून बनाने की मांग की गई है।
पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के अलावा ज्ञानेश कुमार और कथित रूप से उन्हें निर्देश देने वालों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग भी रखी। पार्टी ने एसआईआर से संबंधित अभिलेखों को उच्चतम न्यायालय की निगरानी वाली समिति के संरक्षण में रखने की मांग की है।
सीजेपी की मांग ऐसे समय सामने आई है, जब चुनाव आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्तों द्वारा कुछ निर्णयों पर आपत्ति जताए जाने संबंधी एक रिपोर्ट को लेकर विवाद चल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान मतदाताओं के नाम जोडऩे, हटाने और बहाल करने तथा मतदाता सूची से जुड़े अन्य मामलों सहित कई मुद्दों पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
वहीं, चुनाव आयोग ने कहा है कि अलग-अलग मत रखना, लिखित टिप्पणियां देना और आंतरिक नियंत्रण एवं संतुलन चुनाव आयोग की विचार-विमर्श प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है। आयोग के अनुसार, पिछले एक वर्ष में लिए गए निर्णयों, जिनमें विशेष गहन पुनरीक्षण भी शामिल है, पर निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे।
सीजेपी ने कहा है कि यदि 48 घंटे के भीतर मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते हैं तो पार्टी देशभर में आंदोलन करेगी। दिपके ने स्पष्ट किया कि पार्टी उनके इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रही है।
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