ग्रेटर नोएडा में स्लीपर बस में भीषण आग, 9 यात्रियों की मौत; 35 लोग थे सवार

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नई दिल्ली ,24 सितंबर ,(आरएनएस)। दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर देर रात एक दर्दनाक सडक़ हादसा हो गया। दयानतपुर गांव के पास 35 यात्रियों से भरी बिहार नंबर की स्लीपर बस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में 9 यात्रियों की मौत होने की खबर है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को इलाज के लिए कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक, बस ग्रेटर नोएडा से आगरा की ओर जा रही थी। दयानतपुर गांव के पास अचानक बस से धुआं निकलने लगा। आग का पता चलते ही चालक ने बस को सडक़ किनारे रोक दिया। इसके बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और जान बचाने के लिए लोग बस से कूदकर बाहर निकलने लगे।
बताया जा रहा है कि बस में सवार यात्री टूरिस्ट थे और मथुरा-वृंदावन जा रहे थे। यात्रियों में बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे शामिल थे। इनमें कुछ दिव्यांग बच्चे भी बताए जा रहे हैं। आग तेजी से फैलने के कारण कई यात्री बस के अंदर ही फंस गए।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के बाद बस के अंदर कई तेज धमाके भी हुए। एक प्रत्यक्षदर्शी ने पुलिस को बताया कि धमाकों की आवाज ऐसी थी, जैसे पटाखे फूट रहे हों। आशंका जताई जा रही है कि बस में पटाखे हो सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसे के समय ज्यादातर यात्री सो रहे थे। अचानक किसी ने दरवाजा खटखटाया। उठकर देखा तो बस में आग की लपटें दिखाई दे रही थीं। लोगों को अपना सामान या जूते तक उठाने का मौका नहीं मिला। कई यात्री मोबाइल लेकर किसी तरह बस से बाहर निकले। बस के अंदर धुआं इतना भर गया था कि कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था और दम घुटने लगा था।
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, बस से बाहर निकलने के दौरान यात्रियों के बीच भारी धक्का-मुक्की हुई। इसी दौरान एक व्यक्ति ने उसे खींचकर बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि इसके बाद उसे ज्यादा कुछ याद नहीं है और आशंका है कि कई लोग बस से बाहर नहीं निकल सके।
आग इतनी विकराल थी कि यमुना एक्सप्रेसवे से गुजर रहे राहगीरों में भी अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही यमुना एक्सप्रेसवे की निजी सुरक्षा टीम भी मौके पर पहुंच गई। दुर्घटना के बाद जेवर टोल और फलैदा कट पर यातायात रोक दिया गया, जिससे एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों से बात कर उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

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