यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग; 9 की मौत, कई ने कूदकर जान बचाई

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ग्रेटर नोएडा (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बुधवार देर रात यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर हवाई अड्डे के पास चलती स्लीपर बस में भीषण आग लगने से नौ यात्रियों की मौत हो गई। हादसे के दौरान बस में सवार कुछ यात्रियों ने जान बचाने के लिए चलती बस से छलांग लगा दी। कई यात्री धुएं और आग के बीच बस में फंस गए थे। पुलिस के अनुसार, हादसे के समय बस दिल्ली से महोबा जा रही थी। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।जानकारी के मुताबिक, राज कल्पना ट्रेवल्स की यह बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा के लिए रवाना हुई थी। बस में करीब 40 से 50 यात्री सवार थे। आग लगने के बाद देखते ही देखते पूरी बस आग की चपेट में आ गई और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।हादसे को लेकर यात्रियों ने बस के चालक और परिचालक पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। यात्रियों के अनुसार, बस में कुछ समय से जलने की गंध आ रही थी। चालक और परिचालक को धूम्रपान करते हुए भी देखा गया था। प्राथमिकी में भी बस में जलने की गंध आने का उल्लेख किया गया है।
यात्रियों का आरोप है कि जलने की गंध महसूस होने के बावजूद चालक ने बस नहीं रोकी। जब यात्रियों ने इस संबंध में चालक और परिचालक को बताया तो कथित तौर पर उन्होंने इसे सामान्य बात बताया। इसके कुछ ही देर बाद चालक की सीट के पास अचानक आग की लपटें उठने लगीं और आग तेजी से पूरी बस में फैल गई।
आग लगने के बाद बस के भीतर धुआं तेजी से भर गया। एक महिला यात्री ने बताया कि वह अपने केबिन में सो रही थीं, तभी किसी ने दरवाजा खटखटाकर बस में आग लगने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह किसी तरह अपना मोबाइल फोन लेकर बाहर निकलने में सफल रहीं।
महिला यात्री के अनुसार, बस में इतना अधिक धुआं भर गया था कि कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। यात्रियों के बीच बाहर निकलने के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने उन्हें खींचकर बस से बाहर निकाला।
एक अन्य यात्री ने बताया कि बस से बाहर निकलना बेहद मुश्किल था। कई लोग धुएं के कारण दम घुटने की स्थिति में पहुंच गए थे और जान बचाने के लिए किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस ने मामले में गैर इरादतन हत्या, लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने सहित अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू की है। पुलिस का कहना है कि घटना की सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंचा और कई यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, कुछ यात्री बस के भीतर फंस गए थे।
पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। बस की तकनीकी स्थिति, आग लगने के संभावित कारण, चालक और परिचालक की भूमिका तथा यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों के पालन की भी जांच की जा रही है।
हादसे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मृतकों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही घायलों के बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
भीषण आग की इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। हादसे में नौ लोगों की मौत ने बसों में यात्रियों की सुरक्षा और लंबी दूरी की बस सेवाओं में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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