मुंबई (आरएनएस)। एंजेल वन के संस्थापक, चेयरमैन और प्रबंध निदेशक दिनेश ठक्कर ने मुंबई के जुहू इलाके में करीब 711 करोड़ रुपये में एक पूरा आलीशान रिहायशी टावर खरीदने का सौदा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह टावर जुहू तारा रोड स्थित एम्बेसी टेराज़ा परियोजना का हिस्सा है। एम्बेसी डेवलपमेंट्स ने इस सौदे को भारत की सबसे बड़ी एकल रिहायशी संपत्ति खरीद में से एक बताया है। खास बात यह है कि ठक्कर ने किसी एक फ्लैट के बजाय पूरी इमारत खरीदी है।
रिपोर्ट के अनुसार, आठ मंजिला इस टावर का कुल कारपेट क्षेत्र करीब 63,000 वर्ग फुट है।
यह परियोजना दो एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित की जा रही है और इसमें कुल पांच टावर होंगे। ठक्कर ने जिस टावर को खरीदा है, उसके लिए करीब 1.13 लाख रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से सौदा होने की जानकारी सामने आई है।
एम्बेसी टेराज़ा परियोजना में करीब 50 घर बनाए जाने की योजना है। पूरी परियोजना की अनुमानित कीमत 3,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। हालांकि, ठक्कर के साथ टावर की खरीद का सौदा पूरा हो चुका है, लेकिन संबंधित इमारत अभी निर्माणाधीन है।
एम्बेसी डेवलपमेंट्स के मुताबिक, दिनेश ठक्कर ऐसे घर की तलाश में थे, जहां उनके परिवार को पर्याप्त जगह, निजता और समुद्र का शानदार नजारा मिल सके। उन्होंने इस संपत्ति को लंबे समय के लिए अपने परिवार के घर और निजी स्थान के रूप में चुना है।
परियोजना के दिसंबर 2031 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसलिए ठक्कर फिलहाल इस टावर में नहीं रह रहे हैं। निर्माण पूरा होने के बाद वह अपने परिवार के साथ यहां रहने की योजना बना रहे हैं।
दिनेश ठक्कर का जन्म मुंबई के मुलुंड में कपड़ा कारोबार से जुड़े परिवार में हुआ था। उन्होंने ठाणे के सेंट जॉन द बैप्टिस्ट हाई स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा हासिल की और इसके बाद मुंबई के किशनचंद चेलाराम कॉलेज में विज्ञान की पढ़ाई की। हालांकि, उन्होंने 12वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी और शेयर बाजार के क्षेत्र में काम शुरू किया।
वर्ष 1996 में उन्होंने एंजेल वन की शुरुआत की और धीरे-धीरे कंपनी के कारोबार का विस्तार किया। आज वह कंपनी के संस्थापक होने के साथ-साथ चेयरमैन और प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
दिनेश ठक्कर अपनी कारोबारी गतिविधियों के अलावा आलीशान जीवनशैली को लेकर भी चर्चा में रहते हैं। उनकी सामाजिक माध्यमों पर साझा की गई तस्वीरों में उन्हें महंगी कारों के साथ देखा जा सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, उनका नाम लैम्बोर्गिनी हुराकैन परफॉर्मेंट, फेरारी 488 पिस्टा और पोर्श जीटी3 आरएस जैसी महंगी कारों से जुड़ा रहा है।
ठक्कर को शक्ति प्रशिक्षण का भी शौक बताया जाता है। वह भारत के साथ-साथ विदेशों में सडक़ यात्राओं और छुट्टियों की तस्वीरें भी साझा करते हैं। इन तस्वीरों में परिवार के साथ बिताए गए समय की झलक भी देखने को मिलती है।








