दिल्ली के ओखला में ऑक्सीजन सिलेंडर में धमाका, एक की मौत; चार घायल

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नई दिल्ली, (आरएनएस)। राजधानी दिल्ली में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। ओखला औद्योगिक क्षेत्र के फेज-1 में एक ऑक्सीजन सिलेंडर में हुए जोरदार धमाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। हादसा एक सामुदायिक भवन के पास हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और बचाव दल मौके पर पहुंचा। घायलों को केंद्रीयकृत दुर्घटना एवं आघात सेवा (कैट्स) की एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
ऑक्सीजन सिलेंडर में धमाके की सूचना बुधवार सुबह करीब 11 बजकर 55 मिनट पर मिली। इसके बाद दमकल विभाग की पानी की तीन गाडिय़ां मौके पर भेजी गईं। पुलिस और बचाव दल ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
हादसे में जयपुर निवासी 35 वर्षीय मोहित सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वह एसएम ट्रेडर्स में काम करता था और बताया जा रहा है कि पिछले करीब तीन वर्षों से कंपनी से जुड़ा हुआ था।

हादसे में उमेश, अरविंद, मनोज और पंकज घायल हुए हैं। सभी को एम्स के आघात केंद्र में भर्ती कराया गया है।
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, ओखला फेज-1 स्थित डी-23 परिसर का इस्तेमाल एसएम ट्रेडर्स द्वारा गोदाम के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय उमेश, मोहित और पंकज नामक कर्मचारी व्यावसायिक ऑक्सीजन सिलेंडरों को वाहन से उतारकर गोदाम में ले जा रहे थे।
कंपनी के प्रबंधक के शुरुआती बयान के मुताबिक, सिलेंडरों से भरा एक वाहन नियमित आपूर्ति प्रक्रिया के तहत बुधवार सुबह गोदाम पहुंचा था। वाहन से सिलेंडर उतारने के दौरान अचानक एक सिलेंडर सडक़ पर गिर गया। सडक़ पर गिरते ही उसमें जोरदार धमाका हो गया।
पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में केवल एक ऑक्सीजन सिलेंडर में विस्फोट होने की बात सामने आई है। हालांकि, सिलेंडर में धमाका किस तकनीकी कारण से हुआ, इसका अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।
पुलिस के अनुसार, हादसे के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए घटनास्थल, विस्फोटित सिलेंडर, वाहन और वहां मौजूद अन्य सामग्री की विस्तृत जांच की जाएगी। संबंधित तकनीकी तथा फोरेंसिक एजेंसियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सिलेंडर में विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ।
अधिकारियों ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। जांच में सिलेंडरों की स्थिति, उनके रखरखाव और आपूर्ति से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, एसएम ट्रेडर्स पिछले करीब एक से दो वर्षों से इस किराए के परिसर में कारोबार कर रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गोदाम में करीब तीन से चार कर्मचारी काम करते थे। यह फर्म औद्योगिक ऑक्सीजन सिलेंडरों के कारोबार और स्थानीय स्तर पर उनकी आपूर्ति से जुड़ी हुई बताई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि गोदाम परिसर में ऑक्सीजन भरने का कोई संयंत्र नहीं मिला है और फिलहाल ऐसी किसी व्यवस्था की जानकारी भी सामने नहीं आई है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि सिलेंडर गाजियाबाद के राम अवतार नामक आपूर्तिकर्ता से प्राप्त किए गए थे। इसके बाद इन्हें स्थानीय व्यापारियों और औद्योगिक इकाइयों, विशेष रूप से ओखला क्षेत्र में, आपूर्ति किया जाता था।
जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि जिस गोदाम में हादसा हुआ, वहां प्रतिदिन करीब 70 से 80 ऑक्सीजन सिलेंडरों का लेन-देन होता था। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस आंकड़े की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि की जानी बाकी है।
अधिकारी इसके लिए स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री के अभिलेख, बिल और अन्य कारोबारी दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। पुलिस सिलेंडरों के स्वामित्व और उनके स्रोत का भी पता लगा रही है।
इसके अलावा, जांच एजेंसियां आपूर्तिकर्ता की विश्वसनीयता और कंपनी की गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं। यह भी जांच की जा रही है कि क्या फर्म के पास ऑक्सीजन सिलेंडरों के भंडारण, संचालन और परिवहन के लिए आवश्यक अनुमति और वैध अनुज्ञप्तियां मौजूद थीं।
पुलिस का कहना है कि हादसे की जांच अभी जारी है और तकनीकी तथा दस्तावेजी जांच पूरी होने के बाद ही विस्फोट के कारण और इसके लिए जिम्मेदारी से जुड़े तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
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