देश का अपमान महंगा पड़ेगा’, न्यूयॉर्क में भागवत के कार्यक्रम से पहले तिरंगे के अनादर पर भडक़े रिजिजू

Join Us

नई दिल्ली, (आरएनएस)। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के कथित अपमान को लेकर प्रदर्शनकारियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी को भी आरएसएस, बीजेपी या केंद्र सरकार की आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन देश और तिरंगे का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा।
रिजिजू ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो साझा किया। वीडियो के साथ उन्होंने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि राजनीतिक दल या सरकार की आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन राष्ट्रीय ध्वज और देश का अपमान करने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
रिजिजू ने शेयर किया प्रदर्शन का वीडियो
रिजिजू ने वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि आरएसएस, बीजेपी और सरकार की आलोचना करने की पूरी आजादी है, लेकिन देश और राष्ट्रीय ध्वज का अपमान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत और उसके तिरंगे का अपमान करने की कीमत चुकानी पड़ेगी।
यह प्रदर्शन शनिवार, 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुआ। यहां आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ को संबोधित करने पहुंचे थे।
तीन देशों के दौरे पर हैं मोहन भागवत
मोहन भागवत आरएसएस के शताब्दी वर्ष समारोह के तहत अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के तीन देशों के ग्लोबल आउटरीच दौरे पर हैं। उनके दौरे के पहले चरण में न्यूयॉर्क में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां उन्होंने भारतीय मूल के लोगों को संबोधित किया।
भागवत बोले- जिस देश में रहते हैं, उसके प्रति निभाएं कर्तव्य
अपने संबोधन में मोहन भागवत ने प्रवासी भारतीयों से उस देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभाने की अपील की, जहां वे रहते हैं। उन्होंने कहा कि भारत उनकी जन्मभूमि हो सकती है, लेकिन जिस देश में वे रह रहे हैं, वही उनकी कर्मभूमि है।
भागवत ने अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों से अमेरिकी समाज और देश के प्रति पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीयों को भारत से मिले मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए जिस देश में वे रहते हैं, वहां एक जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अमेरिका में रहने वाले लोग वहीं रहते हैं और वहीं काम करते हैं, इसलिए उन्हें अमेरिका के प्रति ईमानदार और वफादार रहना चाहिए। साथ ही, उन्होंने प्रवासी भारतीयों को अपनी कर्मभूमि के प्रति अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।

 

Previous articleरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे 16 रक्षा उपक्रमों के वार्षिक प्रदर्शन की समीक्षा
Next articleआज का राशिफल