नेपाल की बाढ़ का खौफनाक असर, गंडक नदी में बहकर आ रहे इंसानी और जानवरों के शव; बिहार में दहशत

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वैशाली, (आरएनएस)। नेपाल में आई भीषण बाढ़ का भयावह असर अब बिहार में भी दिखाई देने लगा है। नेपाल से तेज प्रवाह के साथ गंडक नदी में बड़ी मात्रा में लकडिय़ां, मलबा, जानवरों के शव और इंसानी शव बहकर भारतीय क्षेत्र तक आने की बात सामने आई है। हाजीपुर के कालीघाट पर नदी का यह खौफनाक मंजर देखकर स्थानीय लोग और नाविक दहशत में हैं। हाजीपुर के कालीघाट पर मौजूद पूर्व वार्ड पार्षद और धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य दिनेश सहनी ने बताया कि नदी में बड़ी संख्या में शव बहकर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि शवों की संख्या का अनुमान लगाना मुश्किल है और यह दृश्य बेहद भयावह है। लोगों के अनुसार, करीब 50 लोग गंडक नदी के कालीघाट पर बहकर आई लकडिय़ों को छानने के लिए नदी में उतरे थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि लकडिय़ों और मलबे के साथ जानवरों तथा इंसानों के शव भी बहकर आ रहे हैं। लकड़ी छानने वाले विकास सहनी ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे के बाद नदी में जानवरों और इंसानों के शव दिखाई देने लगे। उन्होंने कहा कि कितने शव नदी में बहकर आए, इसकी सटीक संख्या का पता नहीं है, लेकिन बड़ी संख्या में शव देखे गए हैं।
नदी में बहकर आ रहे मलबे के साथ लकडिय़ों और शवों की मौजूदगी ने गंडक किनारे रहने वाले लोगों को भी चिंतित कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नेपाल में आई बाढ़ के बाद नदी का प्रवाह काफी तेज हो गया है।
दिनेश सहनी के मुताबिक, नेपाल में आई आपदा का असर गंडक नदी के जलप्रवाह पर पड़ा है। तिब्बत से निकलकर नेपाल के रास्ते आने वाली नदी में इस समय तेज प्रवाह देखा जा रहा है। नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के कारण बड़ी मात्रा में मलबा और अन्य सामग्री नदी के बहाव के साथ भारतीय क्षेत्र तक पहुंच रही है।
नेपाल की बाढ़ के बीच बिहार के मोतिहारी जिले के एक ही परिवार के पांच सदस्य लापता बताए जा रहे हैं। सभी मोतिहारी के आदापुर थाना क्षेत्र के छपरा गांव के रहने वाले हैं।
बताया गया है कि आदापुर निवासी बुधन शाह अपने परिवार के साथ नेपाल के तरावती क्षेत्र के बतार में किराये के मकान में रहते थे और मजदूरी करते थे। जिस समय बाढ़ आई, बुधन शाह मजदूरी के लिए बाहर गए हुए थे। वापस लौटने पर उन्होंने देखा कि बाढ़ के तेज बहाव ने सबकुछ तबाह कर दिया था।
परिजनों के अनुसार, घर में मौजूद मानती देवी, उनकी तीन बेटियां आशा कुमारी, रूपा कुमारी और शादीशुदा संध्या कुमारी तथा संध्या की दो वर्षीय बेटी आयुषी कुमारी बाढ़ के तेज बहाव में बह गईं। परिवार के इन सदस्यों का अब तक पता नहीं चल पाया है।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और उससे जुड़ी आपदा के बाद बड़े पैमाने पर जनहानि की खबरें सामने आई हैं। बाढ़ के पानी के साथ शव और अन्य सामान भारतीय क्षेत्र तक पहुंचने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ और आपदा में अब तक 586 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 320 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा 2,400 से अधिक लोग बाढ़ के पानी में बहने या लापता होने की सूचना है।
नेपाल प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार बचाव एवं राहत अभियान चलाया जा रहा है। लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।
नेपाल में आई आपदा का असर सीमावर्ती भारतीय इलाकों पर भी पड़ रहा है। गंडक नदी में बढ़े जलप्रवाह और उसके साथ बहकर आ रहे मलबे तथा शवों ने बिहार के नदी किनारे बसे इलाकों में चिंता बढ़ा दी है।
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