सोनिया गांधी की किताब के प्रकाशन पर विवाद गहराया, चीन, मोदी और आरएसएस से जुड़े अंशों पर मतभेद का दावा

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नई दिल्ली, (आरएनएस)। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की प्रस्तावित किताब ‘बिलांगिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ के भारत में प्रकाशन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने स्पष्ट किया है कि वह इस किताब की प्रकाशक नहीं है। हालांकि, किताब के प्रकाशन से जुड़ी चर्चाओं के बीच कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि पुस्तक की कुछ सामग्री को लेकर दबाव बनाया गया था।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक, किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और मोदी सरकार के कार्यकाल में चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र में कथित घुसपैठ एवं कब्जे से जुड़े कुछ हिस्से शामिल हैं। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि प्रकाशक जिन प्रमुख हिस्सों में बदलाव या कटौती चाहता था, उनका संबंध चीन, मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से है। गहलोत ने कहा कि यह सब सरकार के हस्तक्षेप के कारण हो रहा है और किसी व्यक्ति की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी देश की एक बड़ी नेता हैं और पुस्तक में उनके जीवन तथा अनुभवों से जुड़े तथ्य हैं, ऐसे में इन तथ्यों को हटाने या उन पर सेंसर लगाने का सवाल नहीं उठना चाहिए।

हालांकि, गहलोत ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने किताब की पांडुलिपि को स्वयं देखा या पढ़ा नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, किताब में भारतीय क्षेत्र में चीन की कथित घुसपैठ और भारत-चीन सीमा की मौजूदा स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। सीमा से जुड़े मुद्दों को कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी संसद के भीतर और बाहर लगातार उठाते रहे हैं।
बताया जा रहा है कि सोनिया गांधी ने किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और उनकी कार्यशैली के साथ-साथ केंद्र सरकार की कई प्रमुख नीतियों पर भी अपने विचार व्यक्त किए हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के देश के सामाजिक ढांचे और राष्ट्रीय मामलों पर प्रभाव को लेकर भी पुस्तक में विचार शामिल होने की बात सामने आई है।
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा है कि वह कभी भी इस किताब की प्रकाशक नहीं रही। कंपनी के अनुसार, प्रकाशन प्रक्रिया के दौरान तथ्यों की जांच करना और लेखकों को उनकी पुस्तकों के हित में सुझाव देना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
कंपनी ने कहा कि संबंधित चर्चाओं के दौरान उसका रुख यही था कि वह पुस्तक प्रकाशित करने के लिए इच्छुक और उत्सुक थी। कंपनी ने इसे प्रकाशन प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा बताया है।
वैश्विक प्रकाशन समूह पेंगुइन रैंडम हाउस की अमेरिकी शाखा से जुड़े प्रकाशक अल्फ्रेड ए. नॉफ ने घोषणा की है कि सोनिया गांधी की यह किताब 10 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। हालांकि, भारत में किताब का प्रकाशन किस प्रकाशक के माध्यम से होगा, इस बारे में फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।
वहीं, अमेजन पर किताब के इलेक्ट्रॉनिक संस्करण की अग्रिम बुकिंग की सुविधा उपलब्ध बताई गई है। इसकी कीमत 2,615 रुपये बताई गई है। अमेजन की जानकारी के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक संस्करण का प्रकाशन हार्पर कॉलिंस यूके के एक हिस्से विलियम कॉलिंस द्वारा किया जा रहा है।
किताब के भारत में प्रकाशन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने और इसके कथित संपादकीय विवाद के कारण मामला राजनीतिक और प्रकाशन जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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