उत्तर भारत में अब तक सामान्य से 13.9 फीसदी कम बारिश, अगस्त में राहत की उम्मीद

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नई दिल्ली (आरएनएस)। उत्तर भारत में मॉनसून के मौसम के बावजूद बारिश की कमी बनी हुई है. उत्तर प्रदेश में सामान्य 342.8 मिलीमीटर के मुकाबले 258.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई जो 25 फीसदी की कमी है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 32 फीसदी कम बारिश हुई है. भदोही, देवरिया, जौनपुर, कानपुर देहात, कौशांबी, कुशीनगर, रायबरेली, संत कबीर नगर और सीतापुर जैसे जिलों में 50 फीसदी से ज़्यादा बारिश की कमी रिकॉर्ड की गई है.मौसम विभाग को उम्मीद है कि अगस्त के पहले हफ़्ते में मॉनसून की गतिविधियां फिर से शुरू हो जाएंगी क्योंकि मॉनसून की ट्रफ उत्तर की ओर बढ़ेगी. दिल्ली-एनसीआर में नमी वाला मौसम बना हुआ है. इस हफ़्ते के आखिर में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है. कुल मिलाकर, उत्तर भारत सामान्य से 13.9 फीसदी कम है, जिसमें हरियाणा-दिल्ली ( -26फीसदी), पंजाब (-33फीसदी), बिहार ( -42फीसदी) और पूर्वी उत्तर प्रदेश ( -33फीसदी) सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं।
पूरे पूर्वोत्तर भारत में मॉनसून की हलचल जारी है. असम में भयंकर बाढ़ आई है. सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि 10 से 29 जुलाई के बीच ब्रह्मपुत्र बेसिन में बाढ़ का पानी फैल गया. इससे 6 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए. जोरहाट में लगभग 40,000 लोग प्रभावित हुए क्योंकि 434.5 स्क्वेयर किलोमीटर जमीन, जिसमें खेती की जमीन भी शामिल है, पानी में डूब गई. शिवसागर में, लगभग 446 स्क्वेयर किलोमीटर दिखो नदी के ओवरफ्लो होने के बाद जिले का लगभग 28 फीसदी हिस्सा डूब गया।
मध्य विदर्भ पर केंद्रित एक दबाव 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है, जिससे विदर्भ और मध्य प्रदेश में व्यापक वर्षा हो रही है. विदर्भ में भारी बारिश से एक की मौत हो गई है, जबकि बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य जारी है. मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एसडीआरएफ ने ड्रोन और बचाव नौकाओं का उपयोग करके भारी बारिश के बाद एक नदी के द्वीप पर फंसे चार युवाओं को बचाया।
देश के पूर्वी हिस्से में बिहार, ओडिशा, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भारी वर्षा का अनुमान है. साथ ही गरज के साथ बारिश और 30-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवा चल सकती है. ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा हो सकती है. ओडिशा के टिटिलागढ़ में बाढ़ से हालात खराब हो गए हैं, बचाव कार्य जारी है.
एक नए डिप्रेशन के कारण 2 अगस्त तक गुजरात के कुछ हिस्सों में भारी बारिश (300-700 एमएम) होने की उम्मीद है. अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और भरूच जैसे शहरों में अचानक बाढ़ और गंभीर जलभराव का खतरा है.
उत्तराखंड में लगातार बारिश की वजह से रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी खतरे के निशान से ऊपर पहुँच गई है. इसके कारण अधिकारियों को नदी के किनारे सील करने और स्कूल बंद करने पड़े हैं. राज्य के कई हिस्सों से लैंडस्लाइड की भी खबरें आई हैं, जिससे आम जिंदगी में रुकावट आई है.

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