देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, उमस के बीच एक बार फिर लौटेगा मानसून

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 पहाड़ी राज्यों में 22 सितंबर तक बारिश
नई दिल्ली, (आरएनएस)। देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल रहा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब वापसी की ओर बढ़ रहा है और 19 सितंबर तक इसके लौटने की संभावना जताई जा रही है। मानसून की वापसी से पहले उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में वातावरण में नमी बढ़ गई है। दिल्ली के साथ राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में इन दिनों गर्म और उमस भरी स्थिति बनी हुई है। तापमान सामान्य से बहुत अधिक नहीं होने के बावजूद वातावरण में बढ़ी नमी के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है।शहरी क्षेत्रों में अधिक नमी के कारण दिन के साथ रात में भी गर्मी और उमस महसूस हो रही है। हवा में ठंडक नहीं होने के कारण लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। मौसम विभाग ने हालांकि क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार, मानसून की सक्रियता के कारण वातावरण में नमी बढ़ जाती है। इससे हवा भारी और चिपचिपी महसूस होती है। उन्होंने कहा कि मानसून धीरे-धीरे वापस जाएगा, जिसके बाद नमी में कमी आनी शुरू हो सकती है। हालांकि यह बदलाव तुरंत नहीं होगा। मानसून की वापसी के दौरान भी कुछ मौसम प्रणालियां नमी और बारिश का कारण बन सकती हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा स्थिति सामान्य मौसमी बदलाव और मानसून की गतिविधियों से जुड़ी है। गर्म वातावरण में अधिक नमी के कारण उमस ज्यादा महसूस होती है। वहीं, शहरीकरण के कारण गर्मी और नमी का असर और अधिक महसूस हो सकता है।
मौसम विशेषज्ञों ने नमी और वायु प्रदूषण के बीच संबंध की ओर भी ध्यान दिलाया है। जब वातावरण में नमी अधिक होती है और हवाओं की गति कमजोर रहती है, तो नमी के साथ प्रदूषक तत्व भी जमीन के नजदीक बने रह सकते हैं। ऐसे में दिल्ली में सितंबर के दौरान उमस और प्रदूषण की परेशानी परस्पर जुड़ी हुई दिखाई दे सकती है। गर्मी, नमी, बारिश, कमजोर हवाओं, शहरीकरण और प्रदूषण का संयुक्त असर लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है।
दिल्ली में गुरुवार को तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। दूसरी ओर, राजधानी के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता खराब से अस्वास्थ्यकर श्रेणी में रही। विभिन्न क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक करीब 99 से 234 के बीच दर्ज किया गया। आनंद विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक 234 दर्ज हुआ, जबकि श्री अरबिंदो मार्ग पर यह करीब 99 रहा। वातावरण में सूक्ष्म कण पीएम 2.5 और पीएम 10 की मौजूदगी भी बनी हुई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 24 सितंबर के आसपास एक नई मौसम प्रणाली विकसित होने की संभावना है। इसकी दिशा और तीव्रता के आधार पर ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
वहीं, पाकिस्तान के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण मानसून की द्रोणिका को प्रभावित कर रहा है। इसके कारण बारिश का क्षेत्र पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पूर्वी भारत की ओर बढ़ रहा है। इसके चलते पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में अगले दो दिनों के दौरान अच्छी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, केरल और माहे, कोंकण और गोवा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, झारखंड, पंजाब, तमिलनाडु, पुडुचेरी और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के पहाड़ी क्षेत्रों में गुरुवार को भारी बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। वहीं, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 22 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

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