उत्तर भारत में मानसून की मार, जम्मू-कश्मीर में बादल फटा, बदरीनाथ मार्ग ठप

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दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार देश के एक बड़े हिस्से को अपनी आगोश में ले लिया है। महीनों से जारी रिकॉर्डतोड़ और चिलचिलाती गर्मी से बेहाल उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों को इस मानसूनी फुहारों ने बड़ी राहत दी है। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में पारा तेजी से गिरा है, जिससे लोगों को चिपचिपाती उमस से मुक्ति मिली है। हालांकि, राहत की इन बूंदों के साथ मानसून अपने पीछे तबाही का मंजर भी लेकर आया है। पहाड़ी राज्यों में कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है, जहां भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने जैसी घटनाओं ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
पहाड़ी राज्यों में आफत, बदरीनाथ हाईवे पर घंटों फंसे रहे हजारों श्रद्धालु
मैदानी इलाकों में जहां मानसून खुशियां लाया है, वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में इसने कोहराम मचा रखा है। जम्मू-कश्मीर में लगातार दूसरे दिन बादल फटने की घटनाओं से कई इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई और एक मुख्य सडक़ पूरी तरह बह गई। उत्तराखंड में भी मौसम के बदले मिजाज ने भारी परेशानी खड़ी की; बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पगलानाला और गुलाबकोटी के पास टनन मलबे के साथ भूस्खलन हुआ। इस कारण हाईवे करीब साढ़े 11 घंटे तक पूरी तरह ठप रहा और रास्ते के दोनों ओर आठ हजार से ज्यादा श्रद्धालु और पर्यटक फंसे रहे। शाम को मलबा हटने के बाद ही यातायात सुचारु हो सका। उधर, हिमाचल प्रदेश में भी लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण 46 प्रमुख सडक़ें बंद हो चुकी हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मानसून की अग्रिम रेखा बेहद तेजी से आगे बढ़ी है। इसने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों सहित उत्तर प्रदेश के शेष बचे इलाकों को पूरी तरह से कवर कर लिया है। देश की राजधानी दिल्ली में बृहस्पतिवार सुबह से रुक-रुक कर हो रही हल्की से मध्यम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से 2.6 डिग्री कम यानी 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट के साथ यह सामान्य से 5.1 डिग्री कम (22.8 डिग्री सेल्सियस) पर पहुंच गया। पंजाब और हरियाणा में भी बौछारें पडऩे से तापमान सामान्य से काफी नीचे आ गया है, जिससे झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिली है।
अगले तीन दिन तक आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले रविवार तक क्षेत्र में गरज-चमक के साथ तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जबकि कुछ संवेदनशील इलाकों में 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भीषण आंधी-तूफान आने की भी आशंका है। कोंकण क्षेत्र और आर्थिक राजधानी मुंबई में बीते 24 घंटों के दौरान 21 सेंटीमीटर से अधिक की मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है, जिससे मायानगरी के कई निचले इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी भारी वर्षा दर्ज की गई है

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