तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री और मशहूर अभिनेता थलापति विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कषगम’ का ग्राफ राज्य में तेजी से ऊपर जा रहा है। मुख्यमंत्री विजय ने विपक्षी खेमे में बड़ी सेंधमारी करते हुए ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम को गहरा झटका दिया है। गुरुवार को मामल्लापुरम में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान ्के तीन दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ टीवीके में शामिल हो गए। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर ष्ठरू्य ने चुटकी लेते हुए ‘वॉशिंग मशीन’ का तंज कसा है।
के इन दिग्गजों ने थामा ञ्जङ्क्य का दामन
टीवीके के महासचिव एन. आनंद की मौजूदगी में के जिन तीन बड़े नेताओं ने पार्टी छोड़ी है, उनमें पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सी. विजयभास्कर, पूर्व परिवहन मंत्री एम. आर. विजयभास्कर और 45 सालों तक ्रढ्ढ्रष्ठरू्य से जुड़े रहे एम. एस. एम. आनंदन शामिल हैं। टीवीके में शामिल होने से पहले सी. विजयभास्कर ने विरालीमलाई सीट से और एम. आर. विजयभास्कर ने करूर सीट से विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। इन नेताओं ने मुख्यमंत्री विजय के कामकाज और विजन की जमकर तारीफ की। पूर्व मंत्री आनंदन ने कहा कि उन्हें तमिलनाडु का राजनीतिक भविष्य अब टीवीके में ही नजर आता है। उन्होंने किसी भी तरह की ‘खरीद-फरोख्त’ के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
नेतृत्व पर साधा निशाना, बताया ‘कॉरपोरेट कंपनी’
टीवीके में शामिल हुए नेताओं ने अपनी पुरानी पार्टी ्रढ्ढ्रष्ठरू्य के मौजूदा नेतृत्व और पार्टी महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी पर तीखे हमले किए। टीवीके के मुख्य समन्वयक के. ए. सेंगोट्टैयन ने कहा कि ्रढ्ढ्रष्ठरू्य अब एक राजनीतिक संगठन न रहकर ‘कॉरपोरेट कंपनी’ की तरह काम कर रही है। उन्होंने पलानीस्वामी को ‘विश्वासघात’ का प्रतीक बताया और आरोप लगाया कि उन्होंने ष्ठरू्य जैसी घोर विरोधी पार्टी से तालमेल बिठाने की कोशिश कर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ धोखा किया है। नेताओं का कहना था कि नेतृत्व के ‘गलत फैसलों’ से निराश होकर ही उन्होंने यह कदम उठाया है।
ष्ठरू्य का तीखा तंज: ‘तमिलनाडु में भी आई वॉशिंग मशीन’
इस सियासी उथल-पुथल पर सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ष्ठरू्य की उपमहासचिव कनिमोई ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, सुना है उत्तर भारत में बीजेपी जो ‘वॉशिंग मशीन’ इस्तेमाल करती थी, वह अब तमिलनाडु भी पहुंच गई है। कहा जा रहा है कि यह नई मशीन गुटखा के दाग भी साफ कर सकती है। उनका यह तंज डॉ. सी. विजयभास्कर की ‘गुटखा घोटाले’ में कथित संलिप्तता को लेकर था। इसके साथ ही, ष्ठरू्य के आईटी सेल ने पूर्व मंत्री एम. आर. विजयभास्कर की केरल से हुई गिरफ्तारी (100 करोड़ के जमीन घोटाले में) की याद दिलाते हुए मुख्यमंत्री विजय से सवाल किया कि आखिर उन्हें भ्रष्टाचार पर बोलने का क्या नैतिक अधिकार है?








