कर्नाटक के बेंगलुरु के पास के.आर. पुरम इलाके में सॉफ्टवेयर इंजीनियर सोमासुंदरम (55) और उनकी पत्नी मुथुलक्ष्मी (48) रहते थे. उनकी दो बेटियां थीं, श्वेता (24) और सुप्रिया (20). श्वेता को छोडक़र, परिवार के बाकी तीनों सदस्यों की 22 जून की रात सीगेहल्ली के एक अपार्टमेंट में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी.
मुथुलक्ष्मी और सुप्रिया की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं सोमासुंदरम गंभीर रूप से घायल और जिंदगी के लिए संघर्ष करते हुए मिले. पड़ोसियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गयी. इस मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. पुलिस के अनुसार, यह हत्या सोमासुंदरम की बेटी और उसके बॉय फ्रेंड ने की थी.
पुलिस ने इस तिहरे हत्याकांड के मुख्य संदिग्धों, श्वेता और केनेथ को पकडऩे के लिए एक विशेष टीम बनाई थी. श्वेता को 23 जून को पुडुचेरी रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया था. पूछताछ के दौरान, उसने जांचकर्ताओं को यह कबूल कर चौंका दिया कि उसने खुद अपने पिता, मां और छोटी बहन को चाकू मारकर मौत के घाट उतारा था.
तमिलनाडु और कर्नाटक की पुलिस ने केनेथ को खोजने के लिए छह विशेष टीमें बनाई थीं. गुरुवार की रात करीब 10 बजे उन्हें सूचना मिली कि वह पुडुचेरी के अन्ना सलाई इलाके में छिपा हुआ है. इसके बाद, ओरलियनपेट पुलिस ने कड़ी निगरानी रखी और रात करीब 1:00 बजे केनेथ को गिरफ्तार कर लिया.
शुरुआती जांच से पता चला है कि बड़ी बेटी श्वेता घटना से दो महीने पहले अपने बॉयफ्रेंड केनेथ के साथ उस अपार्टमेंट में रहने आई थी. जब उसके माता-पिता उससे मिलने वहां पहुंचे, तो उनके बीच झगड़ा शुरू हो गया. इसके बाद उसने अपने ही परिवार के सदस्यों की हत्या कर दी और अपने बॉयफ्रेंड के साथ मौके से भाग गई.
तीनों की हत्या करने के बाद, यह जोड़ा मोटरसाइकिल से तिरुवन्नमलाई भाग गया. जब वहां बाइक खराब हो गई, तो केनेथ ने श्वेता को पुडुचेरी की बस में बिठा दिया और खुद छिप गया.
श्वेता द्वारा दिए गए बयान के अनुसार, उसे घर पर बिल्कुल भी आजादी नहीं दी जाती थी. इस वजह से वह गंभीर मानसिक तनाव और अकेलेपन में जी रही थी. इसी दौरान उसे केनेथ नाम के युवक से प्यार हो गया. हालांकि, उसकी मां मुथुलक्ष्मी ने इस रिश्ते का कड़ा विरोध किया. इसके बाद श्वेता ने अपनी नौकरी छोड़ दी, सीगेहल्ली में एक मकान किराए पर लिया और अपने बॉयफ्रेंड के साथ रहने लगी.
इस बीच, खुद का बिजनेस शुरू करने के इरादे से श्वेता ने अलग-अलग जगहों से करीब 30 लाख रुपये का कर्ज लिया. जब कर्ज के नोटिस उसके माता-पिता के घर पहुंचने लगे, तो घटना वाले दिन सीगेहल्ली वाले घर पर मां और बेटी के बीच तीखी बहस हुई. अपनी मां के खिलाफ पहले से ही मन में गहरी नफरत पाले बैठी श्वेता ने मुथुलक्ष्मी की चाकू मारकर हत्या कर दी.
इसी बीच, उसकी छोटी बहन सुप्रिया जो बाहर गई हुई थी, घर लौट आई. श्वेता ने कथित रूप से अपनी बहन को भी चाकू मार दिया और शोर सुनकर अंदर भागे अपने पिता सोमासुंदरम पर भी लगातार चाकू से वार किए. अपने बयान में उसने दावा किया कि उसने अपने पिता और बहन को डर के मारे मारा था. श्वेता ने बताया कि उसका बॉयफ्रेंड केनेथ- जो उस समय हेडफोन लगाकर गाने सुन रहा था, ने शव को घसीटकर बाथरूम तक ले जाने और खून के धब्बे साफ करने में उसकी मदद की.
श्वेता ने बयान दिया था कि केनेथ ने हत्या नहीं की है, लेकिन सोमासुंदरम ने दम तोडऩे से ठीक कुछ मिनट पहले पुलिस को दिए गए बयान ने इस मामले में एक बड़ा खुलासा किया था. उस बयान में उन्होंने साफ तौर पर कहा था, “केनेथ ने ही हमें चाकू मारा था.” नतीजतन, पुलिस इस बात का पता लगाने के लिए गहन पूछताछ कर रही है कि इन बेरहमी से की गई हत्याओं में केनेथ की सीधे तौर पर कितनी संलिप्तता थी.








