राम मंदिर विवाद: सांसद संजय सिंह ने एसआईटी को सौंपे 11 सबूत, बोले-महाघोटाला हुआ

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अयोध्या के राम मंदिर में चंदे और दान में गड़बड़ी की जांच एसआईटी कर रही है। आज आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह एसआईटी के सामने पेश हुए। उन्होंने राम मंदिर में जमीन घोटाले से जुड़े 11 दस्तावेज एसआईटी को सौंपे। करीब 15 मिनट तक संजय ने एसआईटी के प्रमुख विजय विश्वास पंत से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि अयोध्या में जमीन खरीद में बड़ा घोटाला हुआ है और इसके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
संजय ने कहा, एक-एक कर सब सामने आ रहा है। पैसे की बरामदगी हो चुकी है, चढ़ावे में चोरी के तमाम सबूत मिल चुके हैं। फिर भी अब तक कोई जेल क्यों नहीं गया? किसी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? कोई एफआईआर अब तक क्यों दर्ज नहीं हुई? यह बेहद हैरान करने वाली बात है। भगवान श्रीराम के नाम पर अयोध्या में बड़ा घोटाला हुआ है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
संजय ने कहा, कई जमीनों को पहले कम कीमत पर खरीदा गया और बाद में ट्रस्ट या उससे जुड़े लोगों को कई गुना अधिक कीमत पर बेचा गया। कुछ मामलों में जमीन खरीदने और बाद में ट्रस्ट को बेचने वाले लोगों के बीच एक ही गवाह थे। 4 करोड़ रुपये में खरीदी गई जमीन को कुछ दिनों बाद 8 करोड़ रुपये में खरीदा गया। उन्होंने कहा कि एसआईटी ने जांच का आश्वासन दिया है।
हरीश-कुसुम पाठक से ट्रस्ट ने 4.97 करोड़ की जमीन 8 करोड़ में खरीदी। इसमें ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा और तत्कालीन भाजपा मेयर ऋषि कुमार उपाध्याय गवाह हैं। 2021 में सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी ने जो जमीन हरीश-कुसुम पाठक से खरीदी, उसे 5 मिनट बाद 18.5 करोड़ में ट्रस्ट को बेचा गया। इसमें भी अनिल और ऋषि गवाह थे। ऋषि के भतीजे ने दान में मिली जमीन को चंपत राय को एक करोड़ में बेच दी।

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