वैश्विक मोर्चे से मिले सकारात्मक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट के चलते गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत शानदार बढ़त के साथ हुई. अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक शुरुआती शांति समझौते के बाद वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं कम हुई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल घटकर ७० डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है. इस बड़ी राहत से ओमान और ईरान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही फिर से सामान्य हो गई है, जिसने घरेलू बाजार की धारणा को मजबूत करने का काम किया.
बाजार खुलने के साथ ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स ४०० अंकों यानी ०.५२ प्रतिशत की मजबूती के साथ ७७,३९१.०७ के स्तर पर खुला. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी ५० भी पीछे नहीं रहा और इसने १०० से अधिक अंकों की बढ़त दर्ज करते हुए २४,१२५.८५ के स्तर पर अपने कारोबार की शुरुआत की.
शुरुआती कारोबार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली. अधिकांश सेक्टोरल सूचकांक हरे निशान में कारोबार करते नजर आए. बाजार की इस तेजी की अगुवाई निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑटो इंडेक्स ने की, जिसमें १ प्रतिशत तक की बढ़त देखी गई. इसके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी आईटी, निफ्टी फार्मा, निफ्टी ऑयल एंड गैस और एफएमसीजी सूचकांकों में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई.
दूसरी ओर, मेटल (धातु) शेयरों में आज मुनाफावसूली हावी रही. निफ्टी मेटल इंडेक्स ०.५६ प्रतिशत की गिरावट के साथ शुरुआती सत्र का एकमात्र प्रमुख घाटे वाला सेक्टर रहा. शुरुआती कारोबार में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, ओएनजीसी, इंफोसिस, टाटा स्टील और कोल इंडिया जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया. हालांकि, छोटे और मझोले शेयरों में जबरदस्त उत्साह रहा. निफ्टी माइक्रोकैप २५० में ०.८७ प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप १०० में ०.६३ प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई.
बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि जब तक निफ्टी २४,००० के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बना हुआ है, तब तक बाजार का तकनीकी रुझान सकारात्मक रहेगा. बाजार को नीचे की तरफ २३,९०० पर पहला और २३,७५०-२३,७९० के क्षेत्र में दूसरा मजबूत सपोर्ट हासिल है. यदि निफ्टी ऊपरी स्तरों पर २४,०९०-२४,१५० के रेजिस्टेंस जोन को पार कर टिका रहता है, तो शॉर्ट-कवरिंग के चलते बाजार तेजी से २४,३०० के स्तर की ओर बढ़ सकता है.








