जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले चल रहे धरने का गुरुवार को छठा दिन है. शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर शुरू हुए इस आंदोलन में देश के अलग-अलग राज्यों से छात्र, युवा, अभिभावक और आम नागरिक पहुंच रहे हैं. प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. धरना स्थल पर दिनभर छात्र और युवा ने अपने विचार रख रहे हैं. प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि हाल के वर्षों में विभिन्न परीक्षाओं को लेकर सामने आए विवादों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ाई है. छात्रों के भविष्य को देखते हुए शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय की जानी चाहिए.
धरने में शामिल दिल्ली विश्वविद्यालय के दूसरे वर्ष के छात्र हेमंत ने कहा कि वह छात्रों की आवाज को मजबूत करने के लिए आंदोलन में शामिल हुए हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षा और परीक्षा प्रणाली से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है. हेमंत ने कहा कि छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और इसी वजह से वे जंतर-मंतर पर अपनी बात रखने पहुंचे हैं. उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को खत्म करने की मांग की. उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की जरूरत है. उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से वह धरना स्थल पर सक्रिय हैं और लगातार कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं.
धरने में शामिल लोगों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए. प्रदर्शनकारी उनका इस्तीफा मांग रहे हैं और शिक्षा से जुड़े मामलों पर जवाबदेही तय करने की बात कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि मुख्य मांग शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और छात्रों का भरोसा बहाल करने की है.








