अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता ने फिर गति पकड़ ली है। दोनों देशों के प्रतिनिधि आज स्विट्जरलैंड में बैठक करने जा रहे हैं। इसके लिए अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ स्विट्जरलैंड रवाना हो गए हैं। इस बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुर्रहमान अल थानी भी स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के भी जल्द पहुंचने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका को यह साबित करना होगा कि वह शांति समझौते के तहत किए गए सभी वादों को पूरा कर सकता है। बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को अंतिम रूप देने के लिए 60 दिनों की बातचीत शुरू हो चुकी है। दोनों देशों के बीच अब संभावित परमाणु समझौते पर बातचीत का पहला दौर आयोजित होने की उम्मीद है।
सूत्रों ने एक विश्वसनीय सूत्र के हवाले से बताया है कि ईरान इस बात पर जोर दे रहा है कि स्विट्जरलैंड प्रतिनिधिमंडल भेजने से पहले युद्धविराम को जमीनी स्तर पर लागू किया जाना चाहिए। खबरों के अनुसार, ईरानी अधिकारी अगले दौर की वार्ता शुरू करने से पहले युद्धविराम को व्यवहार में प्रभावी होते देखना चाहते हैं। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने कई समकक्षों से कहा कि लेबनान में युद्धविराम अमेरिका-ईरान वार्ता के लिए निर्णायक स्थिति है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि 23 और 25 जून को वाशिंगटन में इजरायल और लेबनान के बीच वार्चा होगी। इसका मकसद स्थायी शांति की दिशा में आगे बढऩा है। विदेश विभाग के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन से कहा कि इजरायल के साथ लेबनान की द्विपक्षीय बातचीत ही पुनर्निर्माण, आर्थिक सुधार और हिंसा के बार-बार होने वाले दौर को खत्म करने का एकमात्र व्यावहारिक रास्ता है।
ब्रिटेन के समुद्री निगरानी केंद्र यूकेएमटीओ ने बताया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में खतरे का स्तर मध्यम बना हुआ है। 2 दिन पहले तक ये काफी अधिक था। एडवाइजरी में कहा गया है कि ओमान के पास से गुजरने वाला होर्मुज का दक्षिणी मार्ग दिन और रात दोनों समय जहाजों के लिए खुला है। 18 जून को होर्मुज से 25 जहाज गुजरे। अभी भी 500 से ज्यादा जहाज फंसे हुए हैं।








