मप्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आदिवासी अधिकारों, भूमि और सुरक्षा के मुद्दों पर सरकार को घेरा

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भोपाल,(ए.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में आदिवासी समाज के अधिकारों, भूमि, शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और सम्मान से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आदिवासी समुदाय से जुड़े मामलों में गंभीर चिंताएं सामने आ रही हैं, जिन पर सरकार को जवाब देना चाहिए। पत्रकार वार्ता में जीतू पटवारी ने भारत की प्रथम महिला आदिवासी राष्ट्रपति के मध्य प्रदेश प्रवास का स्वागत करते हुए कहा कि आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण पर राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।पटवारी ने दावा किया कि प्रदेश में आदिवासी भूमि के हस्तांतरण से जुड़े मामलों में व्यापक अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने पर ऐसे सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी तथा यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध भूमि हस्तांतरण पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न परियोजनाओं और खनन गतिविधियों के कारण बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार विस्थापन की समस्या का सामना कर रहे हैं। उनका कहना था कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और आजीविका की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।वन अधिकारों के मुद्दे पर जीतू पटवारी ने कहा कि आदिवासी समुदाय को कानून के तहत मिलने वाले अधिकारों का प्रभावी क्रियान्वयन होना चाहिए। उन्होंने वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों को पूरी तरह लागू करने की मांग की। शिक्षा और रोजगार के संबंध में उन्होंने कहा कि आदिवासी छात्रों के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा की जानी चाहिए तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के आरक्षित बैकलॉग पदों को शीघ्र भरने की मांग भी की।महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर पीसीसी चीफ पटवारी ने कहा कि आदिवासी महिलाओं और युवतियों से जुड़े मामलों पर सरकार को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और मानव तस्करी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब तथ्यों के आधार पर दिया जाना चाहिए और सार्वजनिक जीवन में पद की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है। इसके अलावा पटवारी ने प्रदेश में तबादलों को लेकर भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और प्रशासनिक निर्णयों में पारदर्शिता की मांग की।पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी समाज के जल, जंगल, जमीन, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पार्टी आदिवासी भूमि, विस्थापन, वन अधिकार, रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा और प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा विषय है तथा कांग्रेस इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाती रहेगी।

 

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