भोपाल(ए.)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान कल्याण को सर्वाधिक महत्व देते हुए सहकारिता विभाग की कवच योजना को मंजूरी दी, जिससे सहकारिता विभाग के लगभग 5 हजार किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
कवच योजना का अनुमोदन : 5 हजार से अधिक किसानों के हित में बड़ा निर्णय
मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग की कवच योजना को अनुमोदित किया। यह योजना सहकारी समितियों के ऐसे लगभग 5 हजार किसानों के लिए है, जिनके ऋण खाते में गड़बडिय़ां हुई हैं और जांच में देरी की वजह से किसान सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। अब ऐसे किसानो को मुख्य धारा में लाकर योजना के तहत नया ऋण मिल सकेगा। निर्णय के अनुसार प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए अपैक्स बैंक और जिला सहकारी बैंकों द्वारा अपने स्तर से 50 करोड़ रूपये की सीमा तक की नीधि का निर्माण किया जायेगा। राज्य सरकार भी किसान हित में 25 करोड़ रूपये की अंशपूजी की सहायता एक बार उपलब्ध करायेगी। मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण को गति देने के लिए कुल 32,070 करोड़ रुपये की योजनाओं और प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। राज्य सरकार के यें महत्वपूर्ण निर्णय मुख्य रूप से सहकारिता से जुड़े लगभग 5 हजार किसानों, प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, खेल अधोसंरचना के विस्तार, डिजिटल गवर्नेंस के सशक्तिकरण और शैक्षणिक संवर्ग के हित संवर्धन पर केंद्रित है। मंत्रि-परिषद की बैठक में आगामी वित्तीय वर्षों 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए जिला एवं सिविल अस्पतालों व औषधालयों के सुचारू संचालन के लिए 12 हजार 517.99 करोड़ रुपये, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की पहुँच बढ़ाने के लिए 11 हजार 812.02 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएमअभीम) के तहत स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने व लैब नेटवर्क निर्माण के लिए 2,449 करोड़ रुपये तथा मलेरिया एवं वेक्टर जनित रोगों के प्रभावी नियंत्रण के लिए 1,705 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
बैठक में प्रदेश के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ और स्टेडियम उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खेल अधोसंरचना निर्माण के लिए 2,460 करोड़ 57 लाख रुपये की योजना को स्वीकृति दी गई। ई-गवर्नेंस को मजबूती देने के क्रम में स्टेट डाटा सेन्टर (स्ष्ठष्ट) के उन्नयन, परिचालन एवं संधारण के लिए 1 हजार 99 करोड़ 58 लाख रुपये मंजूर किए गए। जनजातीय कार्य विभाग के सहायक, उच्च श्रेणी, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के हित में निर्णय लेते हुए 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर 1 जुलाई 2023 से चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान देने का अनुमोदन भी किया गया।
खेल स्टेडियम और अधोसंरचना निर्माण के लिए 2,460.57 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग अंतर्गत स्टेडियम एवं खेल अधोसंरचना योजना संचालन संबंधी योजना के वित्तीय वर्ष 2026-27 से वितीय वर्ष 2030-31 तक क्रियान्वयन के लिए 2,460 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इससे प्रदेश के खिलाडिय़ों को अन्तर्राष्ट्रीय / राष्ट्रीय स्तर की खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराई जायेगी तथा उपलब्ध अधोसंरचना का उन्नयन किया जायेगा। साथ ही खिलाडिय़ों के लिए आवश्यक स्थाई प्रकार के खेल उपकरण स्थापित कराए जायेंगे। प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर स्टेडियम /खेल प्रशिक्षण केन्द्र निर्मित हैं एवं 313 विकास खण्डों में से लगभग 100 स्थानों पर स्टेडियम निर्मित हैं।
जिला और सिविल अस्पताल एवं औषधालयों के संचालन के लिए 12,517.99 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के जिला और सिविल अस्पताल एवं औषधालयों को 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालन के लिए 12 हजार 517.99 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। योजना से जिला चिकित्सालय में रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं एवं अस्पताल सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा। योजना के संचालन का लक्ष्य परिवार कल्याण कार्यक्रम एवं विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों एवं विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता लाना भी है।
मलेरिया सहित अन्य वेक्टरजनित रोगों के नियंत्रण के लिए 1,704 करोड़ 81 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने मलेरिया सहित अन्य वेक्टरजनित रोगों के नियंत्रण से संबंधित योजना शीत ज्वर के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालन के लिए 1,704 करोड़ 81 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम अन्तर्गत मलेरिया सहित अन्य वेक्टरजनित रोगों को नियंत्रित किया जाता है, जिसमें नए कीटनाशक और लार्टीसाइड शामिल हैं।








