नागपुर,(आरएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में पूर्ण आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और रक्षा उत्पादन तथा निर्यात के तय लक्ष्यों को निर्धारित समय से पहले हासिल करने की राह पर है। नागपुर स्थित ऑर्डनेंस फैक्ट्री अंबाझरी (यान्त्र इंडिया लिमिटेड) में 10,000 टन क्षमता वाले एल्यूमीनियम एक्सट्रूजऩ प्रेस की आधारशिला रखने के बाद, उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों में सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं के लिए आयात पर निर्भर रहना उचित नहीं है। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे। राजनाथ सिंह ने कहा कि जो देश अपनी जरूरतों को स्वयं पूरा करने में सक्षम होता है, वही अपने राष्ट्रीय हितों की सबसे बेहतर तरीके से रक्षा कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह नई परियोजना आयात आधारित व्यवस्था से स्वदेशी रक्षा विनिर्माण की ओर एक बड़ा बदलाव साबित होगी।
रक्षा मंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में तकनीक, कुशल मानव संसाधन, ज्ञान और राष्ट्रीय विश्वास के बल पर भारत के रक्षा क्षेत्र में व्यापक बदलाव आया है।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश का कुल रक्षा उत्पादन बढक़र 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जबकि वर्ष 2014 में यह केवल 46 हजार करोड़ रुपये था। इसी तरह रक्षा निर्यात भी बढक़र 38,424 करोड़ रुपये हो गया है, जो 2014 में एक हजार करोड़ रुपये से भी कम था।उन्होंने विश्वास जताया कि भारत जल्द ही 3 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन और 50 हजार करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात का लक्ष्य तय समय से पहले हासिल कर लेगा।राजनाथ सिंह ने ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) के पुनर्गठन और उसे रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों में बदलने के फैसले को सफल बताया। उन्होंने कहा कि इस बदलाव के बाद उत्पादन और निर्यात दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि कॉरपोरेटाइजेशन से पहले वित्त वर्ष 2019-20 में ओएफबी का उत्पादन 12,755 करोड़ रुपये था, जो बढक़र वित्त वर्ष 2025-26 में 26,282 करोड़ रुपये हो गया। वहीं इन इकाइयों का रक्षा निर्यात 81 करोड़ रुपये से बढक़र 4,561 करोड़ रुपये पहुंच गया, जिसमें यान्त्र इंडिया लिमिटेड का योगदान 397 करोड़ रुपये रहा।रक्षा मंत्री ने कहा कि युद्ध का स्वरूप लगातार बदल रहा है, लेकिन पारंपरिक सैन्य उपकरणों का महत्व आज भी उतना ही है और 2047 तक भी बना रहेगा।








