नईदिल्ली,(आरएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर बदले की राजनीति करने का गंभीर आरोप मढ़ा है। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री मिलकर विपक्षी खेमे में दरार पैदा करने की कोशिशों में जुटे हैं। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के संक्षिप्त नाम एनडीए को एक नया रूप देते हुए इसे नेशनल डिफेक्टर अलायंस यानी राष्ट्रीय दल-बदलु गठबंधन के रूप में परिभाषित किया। कांग्रेस नेता का तर्क है कि सत्तापक्ष यह सब केवल विपक्षी दलों की एकजुटता और उनके मनोबल को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से कर रहा है। जयराम रमेश ने अपने दावों को पुख्ता करने के लिए 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा के भीतर हुए घटनाक्रम का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उस दिन सरकार द्वारा संविधान संशोधन विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक को सदन में पारित कराने के लिए प्रस्तुत किया गया था। हालांकि, जब संविधान संशोधन विधेयक पर मतदान की बारी आई, तो सरकार आवश्यक दो-तिहाई बहुमत जुटाने में पूरी तरह नाकाम रही। इस प्रक्रिया में सरकार के पक्ष में 298 मत पड़े, जबकि इसके विरोध में विपक्ष ने एकजुटता दिखाते हुए 230 वोट डाल दिए। उन्होंने कहा कि सदन में मिली इस शिकस्त ने शीर्ष नेतृत्व को बेहद असहज कर दिया है, क्योंकि पूरी ताकत झोंकने के बाद भी गृह मंत्री जरूरी संख्या बल का आंकड़ा हासिल नहीं कर सके।








