बेंगलुरु,(आरएनएस)। कर्नाटक में बेंगलुरु की एक सिविल कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री कोनिडाला पवन कल्याण के बारे में प्रकाशित अपमानजनक पोस्ट को ब्लॉक करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह आदेश 11 जून को पवन कल्याण की ओर से राम प्रसाद तल्लुरी द्वारा दायर याचिका पर दिया है। कोर्ट ने सोशल मीडिया को निर्देश दिया कि वे कल्याण के लिए मानहानिकारक बयान, लेख, आरोप या वीडियो प्रकाशित, पुनर्प्रकाशित, प्रसारित, संचारित, अपलोड या प्रदर्शित न करें।तेलंगाना के जनवाड़ा में झील की जमीन पर अतिक्रमण का मामला सोशल मीडिया पर चल रहा है, जिसमें कल्याण पर आरोप लगाने वाली पोस्ट प्रकाशित की जा रही है। इसे देखते हुए जनसेना पार्टी के प्रमुख कल्याण ने एक्स, गूगल, मेटा के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। कल्याण इससे पहले निचली अदालत में पेश हुए थे, जिसने 10 जून को उनके पक्ष में अंतरिम निषेधाज्ञा जारी की थी और मानहानिकारक पोस्ट पर रोक लगा दी थी।
इसके बाद भी कल्याण अंतरिम आदेश में संशोधन की मांग करते हुए कोर्ट पहुंचे थे, जिसमें मानहानिकारक सामग्री वाली कुछ यूआरएल और लिंक को स्पष्ट रूप से शामिल करने की मांग की थी।
कोर्ट ने उनके दावों को सही पाया और अपने पूर्व आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए कल्याण द्वारा पहचाने गए विशिष्ट यूआरएल और ऑनलाइन लिंक को शामिल कर लिया। मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी।








