सोशल मीडिया की आभासी दुनिया कितनी खतरनाक और धोखे से भरी हो सकती है, इसका एक जीता-जागता और हैरान करने वाला मामला मध्य प्रदेश के शहडोल से सामने आया है। इंस्टाग्राम पर महंगी गाडिय़ां और आलीशान बंगलों की तस्वीरें देखकर फर्स्ट ईयर की एक कॉलेज छात्रा ऐसे जाल में फंसी कि उसने अपना सब कुछ छोडक़र प्रेमी के साथ भागने का फैसला कर लिया। लेकिन जब सच्चाई का पर्दा उठा तो युवती के पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस लडक़े को वह किसी बड़े घराने का रईसजादा समझ रही थी, वह हकीकत में दूसरों के घरों में पुट्टी और पुताई करने वाला एक मामूली मजदूर निकला।
इंस्टाग्राम की चकाचौंध ने किया अंधा
यह पूरा मामला शहडोल जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र का है, जहां रहने वाली 18 वर्षीय छात्रा की दोस्ती इंस्टाग्राम पर ‘करण राजपूत’ नाम के एक युवक से हुई थी। करण की प्रोफाइल पर लग्जरी लाइफस्टाइल, बड़े घरों और महंगी कारों वाले वीडियो की भरमार थी। इस चमक-धमक को देखकर युवती को लगा कि करण करोड़ों का मालिक है। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत प्यार में बदल गई और झूठे प्यार का खुमार ऐसा चढ़ा कि युवती ने उसके साथ अपनी पूरी जिंदगी बिताने का फैसला कर लिया।
फिल्मी अंदाज में रची घर से भगाने की साजिश
जब युवती पूरी तरह से आरोपी के झांसे में आ गई, तो उसने उसे भगाने का एक शातिर प्लान तैयार किया। आरोपी ट्रेन से पहले ग्वालियर से शहडोल पहुंचा, फिर बस और ऑटो बदलकर जैतपुर में युवती के पास पहुंच गया। तय योजना के तहत युवती चुपचाप घर से निकली और उसके साथ फरार हो गई। 6 जून को जब परिजनों ने बेटी को घर से गायब पाया, तो बदहवास होकर उन्होंने तुरंत जैतपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भी फौरन तफ्तीश शुरू कर दी।
साइबर सेल की मदद से मुरैना में दबिश, हकीकत आई सामने
पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए तकनीकी और साइबर सेल की मदद ली। मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल (ष्टष्ठक्र) और लोकेशन के आधार पर पता चला कि लडक़ी ग्वालियर के किसी युवक के संपर्क में थी। इसके बाद शहडोल पुलिस की एक टीम तुरंत रवाना हुई और सटीक इनपुट पर मुरैना जिले के एक गांव में दबिश दी, जहां आरोपी के मामा का घर था। पुलिस ने वहां से युवती को सुरक्षित बरामद कर लिया, हालांकि पुलिस को देखते ही शातिर आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहा।
पुताई करते समय बनाता था अमीरी का फर्जी दिखावा
पुलिस जांच में जो सच सामने आया, वह सोशल मीडिया यूजर्स के लिए एक बड़ा सबक है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी का असली नाम करण राजपूत नहीं बल्कि करण धनक है। वह कोई अमीर खानदान का लडक़ा नहीं है, बल्कि एक साधारण मजदूर है जो घरों में रंग-रोगन का काम करता है। वह जब भी किसी आलीशान बंगले में काम करने जाता था, तो वहां खड़ी महंगी गाडिय़ों और खूबसूरत कमरों में खुद की रील और तस्वीरें खींच लेता था। इन्हीं तस्वीरों को इंस्टाग्राम पर डालकर उसने खुद को अमीर बताकर इस भोली-भाली छात्रा को अपने जाल में फंसाया था। फिलहाल पुलिस ने छात्रा को परिजनों को सौंप दिया है और फरार आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रही है।








