-पत्रकारवार्ता में किसने क्या कहा
भोपाल (निप्र)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा भारतीय जनता पार्टी महिला सम्मान और महिला आरक्षण की बात तो करती है, लेकिन मध्य प्रदेश में जो घटनाक्रम सामने आया है, उसने भाजपा की वास्तविक सोच को देश और दुनिया के सामने उजागर कर दिया है। महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के नाम पर केवल राजनीतिक दिखावा किया जा रहा है। भाजपा ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए मध्य प्रदेश की लोकतांत्रिक परंपराओं, भाईचारे और गौरवशाली राजनीतिक विरासत को आघात पहुंचाने का काम किया है। हम इसे लोकतंत्र पर हमला मानते हैं। यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई है। कांग्रेस पार्टी इस लड़ाई को पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी और किसी भी दबाव के सामने झुकेगी नहीं। जिस प्रकार निर्वाचन प्रक्रिया में कार्यवाही हुई है, उससे कई गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं। रिटर्निंग ऑफिसर और निर्वाचन अधिकारी को निष्पक्षता और कानून के दायरे में कार्य करना चाहिए था, लेकिन जिस तरह की भूमिका सामने आई है, उससे उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। यदि किसी प्रकार का राजनीतिक दबाव या हस्तक्षेप हुआ है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक विषय है। आज मध्य प्रदेश में हुई घटना पूरे देश के लिए एक काला अध्याय है।इसके विरोध में कल मध्य प्रदेश कांग्रेस का हर नेता और हर कार्यकर्ता चुनाव आयोग और भाजपा द्वारा किए गए इस लोकतंत्र की हत्या के खिलाफ भूख हड़ताल करेगा।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा भारतीय जनता पार्टी को शुरू से मालूम था कि कांग्रेस के पास राज्यसभा चुनाव में 62 विधायकों का समर्थन है। इसके बावजूद लगातार कांग्रेस विधायकों के टूटने की अफवाहें फैलाई गईं और चुनावी माहौल को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। जब यह स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस विधायक एकजुट हैं, तब नामांकन प्रक्रिया को लेकर आपत्तियों और अन्य प्रक्रियाओं का सहारा लिया गया। यह केवल एक राज्यसभा सीट या किसी एक उम्मीदवार का मामला नहीं है। यह लोकतंत्र, संविधान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता का प्रश्न है। कांग्रेस पार्टी इस मामले में उपलब्ध सभी कानूनी और संवैधानिक विकल्पों का उपयोग करेगी तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। राज्यसभा उम्मीदवार सुश्री मीनाक्षी नटराजन ने कहा जब सदन में पर्याप्त संख्या नहीं होने के बावजूद भाजपा ने तीसरा उम्मीदवार उतारा, तभी से हमें समझ में आने लगा था कि वे लोकतंत्र और संविधान का गला घोंटने की राजनीति कर रहे हैं। जो बात पहले वोट चोरी तक सीमित थी, वह अब सीट चोरी तक पहुंच गई है।
वरिष्ठ अधिवक्ता अजय गुप्ता ने कहा मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करने का आदेश पूरी तरह से कानून और स्थापित न्यायिक सिद्धांतों के विपरीत है। निर्वाचन अधिकारी ने यह कहते हुए नामांकन खारिज किया कि एक प्रकरण की जानकारी फॉर्म में नहीं दी गई, जबकि वास्तविक तथ्य यह है कि हैदराबाद न्यायालय द्वारा जारी नोटिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223 के अंतर्गत था, जो केवल सुनवाई का अवसर प्रदान करने की प्रक्रिया है। धारा 223 स्पष्ट रूप से कहती है कि किसी भी प्रकरण में न्यायालय द्वारा अपराध का संज्ञान लेने से पहले संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर उसका पक्ष सुना जाएगा। इस मामले में न तो किसी अपराध का संज्ञान लिया गया था, न कोई समन जारी हुआ था और न ही मीनाक्षी नटराजन जी किसी आपराधिक प्रकरण में आरोपी घोषित की गई थीं। ऐसे में इसे आपराधिक प्रकरण मानना ही विधि सम्मत नहीं है। हमने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष विस्तार से यह कानूनी पक्ष रखा कि जिस मामले का उल्लेख किया जा रहा है, उसमें प्रतिवादी शब्द का उपयोग हुआ है, जबकि आपराधिक मामलों में आरोपी या अभियुक्त शब्द प्रयुक्त होता है। यह स्वयं दर्शाता है कि इसे आपराधिक मुकदमे के रूप में प्रस्तुत करना तथ्यात्मक और कानूनी रूप से गलत है। कांग्रेस की ओर से विस्तृत लिखित जवाब, न्यायिक निर्णयों और कानूनी प्रावधानों का हवाला दिया गया, लेकिन उन तर्कों पर विचार किए बिना आदेश पारित कर दिया गया। आदेश में हमारे प्रमुख कानूनी तर्कों का उल्लेख तक नहीं है। इसलिए हमारा मानना है कि यह एक नॉन-स्पीकिंग ऑर्डर है, जो तथ्यों और कानून के समुचित परीक्षण के बिना पारित किया गया है। हम इस आदेश को कानूनी रूप से चुनौती देंगे और न्यायपालिका के समक्ष सभी तथ्य रखेंगे। हमें विश्वास है कि कानून और न्याय की जीत होगी वरिष्ठ नेता जेपी धनोपिया ने कहा नामांकन प्रक्रिया के संबंध में मैं तथ्यात्मक रूप से कहना चाहता हूं कि नामांकन के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए गए थे। 10 विधायकों के हस्ताक्षर, शपथ पत्र, रसीद तथा अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण रूप से प्रस्तुत किए गए थे। अधिकारियों द्वारा दी गई चेकलिस्ट में भी स्पष्ट रूप से दर्ज था कि सभी दस्तावेज सही हैं और कोई कमी नहीं है। इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य कमलेश्वर पटेल, मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, सहित विधायक एवं वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।








