भोपाल, (आरएनएस)। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और शियर जोन जैसे तीन मजबूत मौसम तंत्र सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से अगले चार दिनों तक विशेष रूप से मालवा-निमाड़ क्षेत्र में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए उज्जैन और सागर संभाग सहित 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच से अधिक वर्षा होने का अनुमान है। धार, देवास, बुरहानपुर, हरदा और नर्मदापुरम जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, रायसेन, सागर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान मौसम प्रणाली 2 अगस्त तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान कई जिलों में लगातार तेज बारिश और कुछ स्थानों पर अति भारी वर्षा हो सकती है। बुधवार को रतलाम, बालाघाट, पचमढ़ी और भोपाल सहित कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।विभाग के अनुसार अब तक प्रदेश में औसतन 14.1 इंच (359.3 मिमी) वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक सामान्य रूप से 16.9 इंच (428.9 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में फिलहाल करीब 16 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 17 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक होने वाली बारिश से इस कमी में काफी हद तक सुधार हो सकता है।








