नई दिल्ली,(आरएनएस)। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने रेलवे टेंडर घोटाला के मनी लॉंड्रिंग मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर फैसला फिर टाल दिया है. इसके पहले भी कोर्ट ने 22 मई और 6 मई को भी मामले में फैसला टाल दिया था. स्पेशल जज विशाल गोगने ने अब 16 जुलाई को फैसला सुनाने का आदेश दिया है. कोर्ट ने इससे पहले 13 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था.
दरअसल 28 जनवरी, 2019 को कोर्ट ने ईडी की ओर से दर्ज केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को भी नियमित जमानत दी थी. कोर्ट ने उन्हें एक-एक लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी थी. वहीं 19 जनवरी, 2019 को कोर्ट ने सीबीआई की ओर से दर्ज केस में लालू यादव को नियमित जमानत दी थी. कोर्ट ने 13 अक्टूबर, 2025 को रेलवे टेंडर घोटाले के सीबीआई से जुड़े मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत दूसरे आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था.कोर्ट ने 17 सितंबर, 2018 को ईडी की ओर से दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया था. इस मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी समेत 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है. ईडी ने जिन्हें आरोपी बनाया है उनमें लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मेसर्स लारा प्रोजेक्ट एलएलपी, सरला गुप्ता, प्रेमचंद गुप्ता, गौरव गुप्ता, नाथ मल ककरानिया, राहुल यादव, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, मेसर्स सुजाता होटल, विनय कोचर, विजय कोचर, राजीव कुमार रेलान और मेसर्स अभिषेक फाइनेंस प्राईवेट लिमिटेड शामिल हैं. लालू यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेलमंत्री रहते हुए रेलवे के दो होटलों को आईआरसीटीसी को ट्रांसफर किया ।








