षड्यंत्र के लिए जीतू पटवारी जनता से मांफी मांगे और अपने पद से त्याग पत्र दें : डॉ. मोहन यादव

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भोपाल (निप्र) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने मध्यप्रदेश के राज्यसभा चुनाव में भाजपा के तीनों प्रत्याशियों के नामांकन-पत्र सही पाए जाने व कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त होने पर मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश से भाजपा के तीनों राज्यसभा प्रत्याशियों के नामांमन सही पाए गए हैं। कांग्रेस पार्टी और मध्यप्रदेश से राज्यसभा में उनकी प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन ने शपथ-पत्र में षड्यंत्र पूर्वक आपराधिक प्रकरण छिपाया, जिसके कारण उनका नामांकन निरस्त हुआ। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में चुनाव के दौरान अपने आपराधिक प्रकरण को छिपाना पाप है। कांग्रेस पार्टी ने आपराधिक प्रकरण की जानकारी मध्यप्रदेश की जनता से छिपाने के लिए षड्यंत्र रचा और नामांकन फार्म के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में गलत जानकारी दी। लगता है राज्यसभा के चुनाव में हार के भय से कांग्रेस प्रत्याशी ने गलत फार्म भरा है, क्योंकि पहले भी उनके प्रत्याशी इंदौर लोकसभा चुनाव में मैदान छोड़ चुके हैं। यह भाजपा की संगठन शक्ति की ताकत है। शपथ-पत्र में षड्यंत्र पूर्वक अपराध की जानकारी छिपाने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी प्रदेश की जनता से मांफी मांगें और अपने पद से इस्तीफा दें। उन्होने कहा कहा कि कांग्रेस पार्टी और उनकी प्रत्याशी ने जानबूझकर अपराध की जानकारी मध्यप्रदेश की जनता से छिपाई है। अपराध की जानकारी छिपाकर पूरी चुनाव प्रक्रिया को दूषित करने का षड्यंत्र कांग्रेस द्वारा किया जा रहा था। कांग्रेस पार्टी हार से बचने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाती रही है। नामांकन पत्र में अपराध की जानकारी छिपाना कांग्रेस का हार से बचने का नया हथकंडा लगता है। पहले भी कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी चुनावी मैदान छोड़ चुके हैं। इंदौर में तो कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी ही मैदान छोड़ चुके हैं। मंगलवार को राज्यसभा प्रत्याशियों की स्क्रूटनी के दौरान भाजपा के राज्यसभा प्रत्याशी की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई। पार्टी प्रत्याशी के अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखा और निर्वाचन अधिकारी ने दोनों पक्षों की पूरी बात और तर्कों को सुनने के व दस्तावेजों की जांच के बाद कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी का शपथ-पत्र निरस्त किया है। नामांकन पत्र में शपथ पत्र के साथ सभी अपराधों की जानकारी प्रत्याशियों का देना होता है, यह जानकारी भी मतदाताओं तक पहुंचना चाहिए, लेकिन कांग्रेस पार्टी और उनके प्रत्याशी ने अपराध की जानकारी छिपाई। प्रकरण संज्ञान में होने के बाद गलत नामांकन पत्र जमा करना आत्ममंथन का विषय है।

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