अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इनमें से 6 को निष्क्रिय कर दिया गया, जबकि एक अपने लक्ष्य तक पहुंच ही नहीं सकी। अमेरिका के इन दावों के बावजूद कुवैत और बहरीन में धमाकों की खबर है। कुवैत हवाई अड्डे के पास धमाकों की तेज आवाज सुनी गई है। कुवैत की सेना ने कहा कि वह शत्रु मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दे रही है।
अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के 4 एकतरफा हमला करने वाले ड्रोन को मार गिराया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि ईरान के ये ड्रोन हमले इलाके में आवाजाही और समुद्री सुरक्षा के लिए तुरंत खतरा पैदा करते हैं। अमेरिकी सेना ने ये भी दावा किया कि उसने आगे के हमलों से बचाव के लिए गोरुक और केशम द्वीप पर ईरान के तटीय निगरानी रडार ठिकानों पर हमला किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमलों के बाद शनिवार सुबह कुवैत और बहरीन में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। सूत्रों ने बताया कि कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास के इलाकों में कई विस्फोटों की आवाज सुनी गई। वहीं, ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी ने आईआरजीसी के हवाले से कहा कि उसने क्षेत्र में दुश्मन के ठिकानों पर हमला किया और उन्हें एयरोस्पेस मिसाइलों से निशाना बनाया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि हालिया अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की मिसाइल क्षमता बुरी तरह कमजोर हो गई है। उन्होंने कहा, ईरान के पास अब शायद सिर्फ 21-22 प्रतिशत मिसाइलें बची हैं। ये बहुत सारी मिसाइलें हैं, लेकिन उतनी नहीं हैं जितनी तब थीं जब हमने पहली बार हमला किया था। युद्ध खत्म होने को लेकर ट्रंप ने कहा, इसमें ज्यादा समय नहीं लगना चाहिए। किसी न किसी तरह, यह हो जाएगा।
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ईरान की विश्व कप फुटबॉल टीम के सदस्यों को अमेरिका का वीजा मिल गया है। अब टीम मैक्सिको के तिजुआना स्थित अपने प्रशिक्षण केंद्र में प्रवेश कर सकेगी। वीजा प्रक्रिया में आ रही समस्याओं के कारण ईरान को पहले अपना प्रशिक्षण केंद्र टक्सन, एरिजोना से मैक्सिको की कैलिफोर्निया सीमा पर स्थित तिजुआना ले जाना पड़ा था। अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ईरानी टीम के सभी खिलाडिय़ों के वीजा स्वीकृत हो चुके हैं।
अमेरिका ने कुवैत को 1.98 अरब डॉलर के हथियार बेचने की मंजूरी दे दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि वह रक्षा कंपनी एंडुरिल से ड्रोन-रोधी तकनीक की खरीद की अनुमति देगा, जिसकी स्थापना राष्ट्रपति ट्रंप के एक समर्थक ने की थी। बयान में कहा गया है, यह प्रस्तावित बिक्री अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों का समर्थन करेगी, क्योंकि इससे नाटो के एक प्रमुख गैर-सहयोगी देश की सुरक्षा में सुधार होगा।








