नई दिल्ली,(ए.)। अमेरिका और ईरान के मध्य जारी तनाव के बीच सोशल मीडिया पर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक तीखे बयान पर भारत स्थित ईरानी दूतावास ने व्यंग्यात्मक अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका ईरान के परमाणु अधिकारों को स्वीकार कर ले, प्रतिबंध समाप्त कर दे, नुक्सान का हर्जाना भरे और क्षेत्रीय सैन्य दबाव खत्म करे, तो तेहरान खुशी-खुशी इसे अमेरिका की महान और ऐतिहासिक जीत बताएगा।
दरअसल, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रूथ सोशल’ पर एक लंबी पोस्ट साझा करते हुए अमेरिकी मीडिया और विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी पर निशाना साधा था। उन्होंने दावा किया कि यदि ईरान पूरी तरह आत्मसमर्पण भी कर दे, तब भी कुछ मीडिया संस्थान इसे ईरान की जीत के रूप में प्रस्तुत करेंगे। ट्रंप ने आरोप लगाया कि अमेरिकी मीडिया और डेमोक्रेट्स वास्तविकता को तोड़-मरोडक़र पेश करते हैं और उनकी उपलब्धियों को कमतर दिखाने का प्रयास करते हैं।
ट्रंप की इसी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यदि अमेरिका ईरान के परमाणु अधिकारों को मान्यता दे, सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करे, क्षेत्र से अपनी सैन्य मौजूदगी हटाए, नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करे, ईरानी जनता पर लगाए गए प्रतिबंध वापस ले और युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई करे, तब ईरान दुनिया को बताएगा कि अमेरिका ने महान और ऐतिहासिक जीत हासिल की है।
ईरानी दूतावास की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर तनाव बना हुआ है।
दूतावास के बयान को ट्रंप की टिप्पणी पर कूटनीतिक लेकिन तीखा जवाब माना जा रहा है।
अपने पोस्ट में ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया संस्थानों को “भ्रष्ट” और “नाकाम” बताते हुए डेमोक्रेटिक नेताओं पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक विरोधी और मीडिया वास्तविक तथ्यों को स्वीकार करने के बजाय राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती बयानबाजी ने एक बार फिर दोनों देशों के संबंधों में जारी तनाव को उजागर कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में यह विवाद केवल शब्दों तक सीमित रहता है या कूटनीतिक स्तर पर कोई नया मोड़ लेता है।








