संसद के मानसून-सत्र में 7 विधेयकों पर होगी चर्चा, परिसीमन और महिला आरक्षण का जिक्र नहीं

Join Us

नईदिल्ली(आरएनएस)। संसद का मानसून सत्र सोमवार 20 जुलाई से शुरू हो रहा है, जिसको लेकर केंद्र सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक की सुगबुगाहट के बीच केंद्र ने जो विधायी एजेंडा जारी किया है, उसमें 7 विधेयकों को विचार के लिए शामिल किया गया है। एजेंडे में महिला आरक्षण, परिसीमन से संबंधित बहुचर्चित संविधान संशोधन विधेयक, प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री को पद से हटाने का प्रस्ताव करने वाला 130वां संवैधानिक संशोधन विधेयक इसमें शामिल नहीं है। इस बार का मानसून सत्र कुल 19 दिन चलेगा और 7 अगस्त को समाप्त होगा। हालांकि, इसके आगे बढऩे की भी संभावना जताई जा रही है।बताया जार हा है कि संयुक्त समिति शुक्रवार को 130वें संशोधन विधेयक पर चर्चा करेगी और अंतिम रिपोर्ट को अपनाएगी, जिसे बाद में सत्र के दौरान संसद में प्रस्तुत किया जा सकता है।विधायी एजेंडा अभी अधूरा बताया जा रहा है। सरकार के पास सत्र बढ़ाने और अन्य विधेयक पेश करने की छूट है। ससद में 7 निर्धारित विधेयक पेश किए जाएंगे, जिसमें विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक मार्च में लोकसभा में पेश किया जा चुका है और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास है। इसके अलावा 5 नए विधेयकों में शामिल आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026, सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 और एमएसएमई विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश होगा। कांग्रेस और विपक्षी दलों ने मानसून सत्र में अयोध्या के राम मंदिर में हुई चंदा चोरी और पेपर लीक मामले को जोरशोर से उठाने का संकल्प लिया है।कांग्रेस के संचार विभाग के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि विपक्ष देश में ई20 पेट्रोल घोटाले पर भी चर्चा की मांग करेगा और कमजोर होती विदेश नीति पर सरकार को घेरेगा।विपक्ष विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक का विरोध करेगी।
००

Previous articleवंदे मातरम् के अपमान पर भी होगी सजा, संसद के मानसून सत्र में आएगा संशोधन विधेयक
Next articleसोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 20वां दिन, डॉक्टरों ने अंग फेल होने की चेतावनी दी