खूबसूरत अध्याय इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने लिखा है. जब बोर्ड ने इंग्लैंड की पूर्व विकेटकीपर- महिला बल्लेबाज सारा टेलर को इंग्लैंड की सीनियर पुरुष टीम का का फील्डिंग कोच नियुक्त किया. इसके साथ वो मेंस टीम के साथ काम करने वाली पहली महिला बन गईं.
सारा टेलर न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से ही फील्डिंग कोच की भूमिका में नजर आएंगी. टेलर इस घरेलू सीरीज में ही फील्डिंग कोच के रूप में काम करेंगी, क्योंकि नियमित कोच कार्ल हॉपकिंसन आईपीएल में मुंबई इंडियंस के साथ व्यस्त हैं.
इंग्लैंड पुरुष क्रिकेट के प्रबंध निदेशक रॉब ने न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट के लिए टीम की घोषणा करते हुए टेलर की नियुक्ति की पुष्टि की और कहा, मुझे लगता है कि वह अपने काम में सर्वश्रेष्ठ हैं. उन्होंने एंड्रयू फ्लिंटॉफ और एड बार्नी के साथ बड़े पैमाने पर काम किया है. मैं उनकी जितनी भी तारीफ करूं कम है, वह किसी से कम नहीं हैं.
यह भूमिका टेलर के कोचिंग करियर में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिसमें काउंटी और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में विभिन्न क्षमताओं में काम करना शामिल है, जिसमें ससेक्स काउंटी क्रिकेट क्लब और मैनचेस्टर ओरिजिनल्स शामिल हैं. उन्होंने इंग्लैंड लायंस के साथ रहते हुए इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ के साथ भी मिलकर काम किया है.
सारा टेलर का आगमन इंग्लैंड की रेड-बॉल टीम के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हुआ है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज में उनकी खराब फील्डिंग का उन्हें भारी खामियाजा भुगतना पड़ा. टीम ने एशेज के दौरान 11 कैच छोड़े. इंग्लैंड क्रिकेट टीम की बिना किसी समर्पित फील्डिंग कोच के दौरे पर जाने के फैसले के लिए भी आलोचना हुई थी.
इंग्लैंड ने एशेज के बाद कार्ल हॉपकिंसन को फिर से बतौर फील्डिंग कोच नियुक्त किया और गेंदबाजी कोच ट्रॉय कूली को भी वापस बुलाया. हालांकि, आईपीएल में हॉपकिंसन की व्यस्तता का मतलब है कि टेलर न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी सीरीज के लिए यह भूमिका निभा पाएंगी.
इंग्लैंड की महिला टीम के साथ अपने 13 साल के इंटरनेशनल करियर के दौरान, टेलर ने 226 मैच खेले और 2017 महिला वर्ल्ड कप में इंग्लैंड की जीत में अहम भूमिका निभाई.








