पीने के पानी समस्या को लेकर नागरिकों में बढ़ रहा आक्रोश

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नर्मदापुरम (निप्र.)। 211 करोड़ बजट वाली नगर पालिका में पीने के पानी को लेकर, नागरिकों, पार्षदों, पार्षद पतियों को नगर पालिका में आकर नाराजगी व्यक्त करनी पड़ रही है। जिससे नगर पालिका की बार-बार थू-थू हो रही है। मां नर्मदा के तट पर रहने वाले नागरिकों को शुद्ध पेयजल तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। पिछले गुरूवार की जनसुनवाई के दौरान वार्ड 14 व 13 के पार्षद पतियों व नागरिकों ने प्रदर्शन किया था। इस गुरूवार को वार्ड 31 के पार्षद नरेंद्र पटेल को मबजूर होकर वार्ड के नागरिकों के साथ सीएमओ और नपाध्यक्ष के समक्ष पानी की समस्या को लेकर नाराजगी व्यक्त करना पड़ा। वास्तव में शहर के अनेक वार्डों में पानी की समस्या बनी हुई है।
पार्षद नरेंद्र पटेल ने अध्यक्ष और सीएमओ के समक्ष नागरिकों की समस्या बताते हुए कहा कि उनके द्वारा बीते 12 दिनों से प्रतिदिन पानी की समस्या से अवगत कराया जा रहा है। उन्हें हर दिन समस्या के समाधान करने का आश्वासन ही मिलता रहा जिससे वार्ड के नागरिकों ने पार्षद पर नाराजगी व्यक्त करना शुरू कर दिया जो मजबूर होकर पार्षद को नगर पालिका कार्यालय की जनसुनवाई में आकर कहना पड़ा कि कब तक आश्वासन मिलता रहेगा। समस्या हल क्यों नहीं हो रही है? उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि मां नर्मदा के तट पर रहने वालों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इतना जरूर है कि नपाध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव स्वयं नागरिकों की समस्याएं जल्द से जल्द हल कराना चाहती हैं। लेकिन स्टाफ व ठेकेदारों की लापरवाही के चलते कार्य सुस्त गति से हो रहे हैं।
पूर्व इंजीनियर वर्मा की करतूत को भुगत रहे शहरवासी
दरअसल पूर्व में जो रमेश वर्मा नाम का इंजीनियर वर्षों तक मुख्यालय की नगर पालिका में मूंग दलता रहा। उसके कारनामे चर्चित रहे हैं। लेकिन अनेक परिषद को चलाने वाले उस इंजीनियर की चालकाी कोई नहीं समझ पा रहा था। वह गांधारी वाली पट्टी तत्कालीन परिषद के कर्ता धर्तााओं की आंखों पर बांध देता था उसके बाद करोड़ों रूपये वाली जलावर्धन व अमृत जैसी दिखावे वाली बेमतलब की बेढंगी योजनाओं का संचालन अपने हाथ में लेकर सुपर सीएमओ बनकर स्वयं और उसके चहेतों के बारे न्यारे करता रहा। जल प्रदाय की पाइप लाइनें काम चलाऊ बिछवाकर शहर के जबावदारों को चलाकर बेशर्माई के साथ चला गया।
लेकिन शहर की पेयजल व्यवस्था को तहस नहस कर गया जिसका परिणाम शहरवासी भुगत रहे हैंं। उसकी कलाकारी इतनी जोरदार थी कि वह दिन में कम रात में ज्यादा आडी तेड़ी पाइप लाइन बिछवा रहा था ठेकेदारों व कमीशनखोंरों के साथ उसका जबरजस्त याराना था। उसके कई किस्से चर्चित रहे हैं।

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