विश्वकसेन अपने करियर के सबसे बोल्ड दौर में से एक में कदम रख रहे हैं, कल्ट के साथ, जो इंडिया की पहली ट्रू स्लैशर फि़ल्म है। फलकनुमा दास और दास की धमकी के बाद यह उनकी तीसरी डायरेक्टोरियल फि़ल्म है, कल्ट को संदीप ककराला ने तारक सिनेमाज़ के अंडर प्रोड्यूस किया है। यह फि़ल्म पूरी तरह से विश्वक सेन के क्रिएटिव विजऩ पर बनी है, जिसमें उन्होंने कहानी, स्क्रीनप्ले और डायरेक्शन को संभाला है। यह फि़ल्म एक रॉ, बिना किसी समझौते वाला सिनेमैटिक एक्सपीरियंस देने का वादा करती है, जो परेशान करने वाली असली घटनाओं से प्रेरित है।
आखिरकार टीजऱ आ गया है, जिसमें दोस्तों का एक ग्रुप दिखाया गया है जो एक वाइल्ड नाइट के लिए गोवा पहुँचते हैं, लेकिन उन्हें एक पब में एंट्री नहीं मिलती। वे एक एक्सक्लूसिव पार्टी के लिए कल्ट पास लेते हैं, जो जल्द ही एक बुरे सपने में बदल जाती है जब होस्ट एक खतरनाक गेम शुरू करता है जहाँ जि़ंदा रहना ही एकमात्र नियम बन जाता है। जैसे-जैसे लोग एक के बाद एक मारे जाते हैं, कहानी गेम मास्टर के आने से एक दिलचस्प मोड़ लेती है, जो और भी ज़्यादा पागल है।
विश्वकसेन ने स्टाइल के साथ इंडियन सिनेमा में एक नया जॉनर इंट्रोड्यूस किया है, जो एक फ्रेश, एजी और इमर्सिव एक्सपीरियंस देता है। कहानी बोल्ड, रॉ, खूनी और बिना किसी झिझक के क्रूर है। फिल्म में गायत्री भारद्वाज, तारक पोनप्पा और मुरली शर्मा जैसे यंग और डायनामिक एक्टर्स की एक शानदार टीम है, जो हर कहानी में एक अलग एनर्जी लाते हैं।
टेक्निकल टीम भी उतनी ही शानदार है, जिसमें थरुन भास्कर ने शार्प डायलॉग लिखे हैं, रवि बसरूर ने एक इंटेंस साउंडस्केप बनाया है, और अरविंद विश्वनाथन ने सिनेमैटोग्राफी संभाली है। फिल्म की विज़ुअल और टेक्निकल बारीकी को एडिटर रवि तेजा गिरिजाला और प्रोडक्शन डिज़ाइनर अरविंद मुले ने और मजबूत किया है। कल्ट को तेलुगु, हिंदी, जापानी, स्पैनिश और इंग्लिश में मल्टीलिंगुअल रिलीज़ के लिए तैयार किया जा रहा है, जिसका मकसद अपनी यूनिवर्सली ग्रिपिंग थीम और सिनेमैटिक स्केल के ज़रिए अलग-अलग कॉन्टिनेंट्स के ऑडियंस से जुडऩा है।








