भाजपा सरकार ने 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन को महिला आरक्षण से जोडक़र एक खतरनाक खेल खेलने की कोशिश की : मल्लिकार्जुन खरगे

Join Us

नई दिल्ली (ए.)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा द्वारा महिला आरक्षण को 2011 की जनगणना पर आधारित परिसीमन से जोडऩे की आलोचना करते हुए इसे एक खतरनाक खेल बताया, जो जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए तमिलनाडु जैसे राज्यों को दंडित करता है। 21 अप्रैल को तमिलनाडु के वेलाचेरी में एक चुनावी रैली में बोलते हुए, खर्गे ने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के खारिज होने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि केंद्र ने विधेयक पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने से इनकार कर दिया। खडग़े ने कहा कि भाजपा सरकार ने 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन को महिला आरक्षण से जोडक़र एक खतरनाक खेल खेलने की कोशिश की। इसका मतलब है तमिलनाडु जैसे राज्यों को दंडित करना, जिन्होंने सफलतापूर्वक जनसंख्या नियंत्रण किया। विपक्ष एकजुट रहा, दिल्ली में कांग्रेस ने आगे बढक़र नेतृत्व किया, और डीएमके, टीएमसी, एसपी सभी ने कंधे से कंधा मिलाकर विधेयक को विफल किया। खार्गे ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की प्रशंसा करते हुए कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विधेयक के खिलाफ आवाज उठाने वाले पहले व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि यह जनविरोधी और दक्षिण विरोधी है, इसलिए उन्होंने विधेयक को फाडक़र जला दिया। यह देश के हर नागरिक की जीत है। यह संघवाद और न्याय की जीत है। हमने पंचायत और स्थानीय निकायों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया है। यह कांग्रेस की उपलब्धि है, प्रधानमंत्री मोदी की नहीं। उन्होंने परिसीमन प्रक्रिया को देश के साथ धोखाधड़ी बताया और इस बात पर ज़ोर दिया कि 2023 में महिला आरक्षण विधेयक सर्वसम्मति से पारित तो हुआ, लेकिन लागू नहीं हुआ। खरगे ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने इसे लागू क्यों नहीं किया? उन्होंने इसे 30 महीनों तक ठंडे बस्ते में रखा। मैंने प्रधानमंत्री मोदी और रिजिजू को तीन पत्र लिखकर विधेयक को लागू करने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

Previous articleतिरुपति में भक्तों के लिए नि:शुल्क तिरुनामधारण सेवा फिर से शुरू
Next articleदिल्ली में नकली ईनो और नेसकैफे फैक्ट्री का भंडाफोड़, 20 लाख का माल जब्त, 4 आरोपी गिरफ्तार