नीट पेपर लीक विवाद और छात्र आंदोलन को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए सार्वजनिक माफी की मांग की है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष संसद के आगामी सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगा और सरकार से जवाब मांगेगा।
केरल के अलप्पुझा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान वेणुगोपाल ने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं थी। उनका कहना था कि छात्रों को अपनी मांग रखने का अधिकार है और उनकी आवाज सुनने के बजाय उन पर कार्रवाई करना उचित नहीं है।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद सत्र से पहले विपक्षी दलों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में नीट विवाद, छात्र आंदोलन और अन्य प्रमुख मुद्दों पर संयुक्त रणनीति तैयार की जाएगी, ताकि संसद में सरकार को प्रभावी ढंग से घेरा जा सके।
वेणुगोपाल ने कहा कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रस्तावित कानून का मसौदा रा’यों और संबंधित पक्षों के साथ साझा कर चुकी है। उन्होंने माना कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है, लेकिन यह सुधार छात्रों की चिंताओं की अनदेखी कर या उनकी आवाज दबाकर नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि छात्र निष्पक्ष और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं और सरकार को संवाद के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है।
उन्होंने दोहराया कि संसद में विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग करेगा और छात्र आंदोलन से जुड़े सभी पहलुओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा








